" /> कोरोना पॉजिटिव पुलिसवाले का इलाज करने से किया इंकार : एफआईआर की धमकी पर अस्पताल ने किया भर्ती

कोरोना पॉजिटिव पुलिसवाले का इलाज करने से किया इंकार : एफआईआर की धमकी पर अस्पताल ने किया भर्ती

कोरोना संक्रमण दिन-प्रतिदिन अपने पैर पसार रहा है इससे लड़ने में पुलिस, डॉक्टर एवं सफाईकर्मी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। आज हर कोई इन सभी को सलाम कर रहा है। इन सबके बीच नई मुंबई के वाशी से एक निराशाजनक खबर सामने आई है। यहां एक निजी अस्पताल ने कोरोना पॉजिटिव पुलिसवाले को भर्ती करने से इंकार कर दिया। मामला अधिक बढ़ने के कारण स्थानीय प्रशासन एवं मुंबई पुलिस के डीसीपी प्रशांत कदम को हस्तक्षेप करना पड़ा।

दरअसल मुंबई पुलिस के सिक्योरिटी विभाग में तैनात एक एसआई की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। वह नई मुंबई के वाशी इलाके का रहनेवाला है। पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह अपने परिजन के साथ वाशी स्थित एक जानेमाने अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। यह बात डीसीपी प्रशांत कदम को पता चली। उन्होंने एक अन्य पुलिसकर्मी को अस्पताल भेजा, ताकि मामले को समझा जा सके और पुलिसकर्मी को तुरंत भर्ती कराया जा सके। इसके साथ ही बेहतर तालमेल के लिए डीसीपी प्रशांत ने वहां के स्थानीय मनपा अधिकारी एवं नजदीकी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक का फोन नंबर भी उस पुलिसकर्मी को दिया। पुलिसकर्मी के पहुंचने के बाद भी अस्पताल ने मरीज को दाखिल नहीं किया और तरह-तरह के बहाने बनाने लगे। रात के 11 बज गए थे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अभी तक मरीज को भर्ती नहीं किया था। इसके बाद डीसीपी द्वारा भेजे गए पुलिसकर्मी ने मुंबई पुलिस कोरोना हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर घटना की पूरी जानकारी दी। कंट्रोल ने अस्पताल प्रशासन से बात की तो अस्पताल ने भर्ती करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और मरीज को चेक किया गया लेकिन कुछ ही देर बाद अस्पताल के एक डॉक्टर आए और उन्होंने मरीज को दाखिल करने से इंकार कर दिया। दाखिल न करने की वजह भी डॉक्टर ने नहीं बताई। पुलिसकर्मी ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज को भर्ती करने के लिए 2 लाख रुपए की मांग की। इस बात की जानकारी डीसीपी को दी गई, जिसके बाद नई मुंबई पुलिस आयुक्त एवं मनपा अधिकारी ने निर्देश दिया कि अगर अस्पताल प्रशासन मरीज को दाखिल नहीं करता है तो उस पर मामला दर्ज किया जाएगा। नजदीकी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी भी अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को कहा गया कि अगर वो मरीज को दाखिल नहीं करते हैं तो अस्पताल पर मामला दर्ज किया जाएगा। इसके बाद रात करीब साढ़े 12 बजे अस्पताल ने तुरंत कोरोना पॉजिटिव पुलिसवाले को भर्ती कर इलाज शुरू किया। अस्पताल के रवैये के चलते इलाज में लगभग 5 घंटे की देरी हुई।