" /> कोरोना वायरस की मार : सादगी से मनाया जाएगा मुंबई में गणेशोत्सव

कोरोना वायरस की मार : सादगी से मनाया जाएगा मुंबई में गणेशोत्सव

बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने लिया महत्त्वपूर्ण निर्णय
कोरोना वायरस के मद्देनजर पूरे देश में तालाबंदी की घोषणा की गई है। महाराष्ट्र में कोरोना रोगियों की संख्या सबसे अधिक है, जिसमें मुंबई और पुणे की स्थिति अधिक चिंताजनक है। लॉकडाउन के 40 दिन से अधिक हो चुके हैं और राज्य के 14 से अधिक जिले रेड जोन में हैं लेकिन अब प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है और सार्वजनिक जीवन को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। कोरोना न होने के बाद भी लोगों को एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है, जिसके कारण सार्वजनिक जीवन हमेशा की तरह सामान्य नहीं रहेगा और सामान्य जीवन न होने के कारण गणेशोत्सव भी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब हो कि गणेशोत्सव और महाराष्ट्र का एक अलग रिश्ता है। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। गणेशोत्सव के दौरान विशेष रूप से मुंबई और पुणे में सड़कों पर बड़ी भीड़ देखी जा सकती है। चूंकि कोरोना को रोकने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है इसलिए कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि गणेशोत्सव मनाया जाएगा या नहीं? कई लोगो को विश्वास हैं कि गणेश चतुर्थी से स्थिति सामान्य हो जाएगी। दूसरी ओर बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति भी विश्वास व्यक्त कर रही है कि किसी भी हालात में गणेशोत्सव मनाया जाएगा। हालांकि इस बार गणेशोत्सव हमेशा की तरह नहीं मनाया जाएगा, बल्कि बहुत ही सादगी से मनाया जाएगा। बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेंश दहिबावकर ने सभी सर्कल के गणेशोत्सव मंडलों को उत्सव की तैयारी करने को कहा है लेकिन उन्होंने मंडलों को यह भी बताया कि गणेशोत्सव हर साल की तरह धूमधाम से नहीं, बल्कि बहुत ही सादगी से मनाया जाएगा। बहुत साल पहले इसी प्रकार की बीमारी प्लेग आई थी। उसके बाद भी लोग गणेश की मूर्तियों को अपने घरों में ले आए थे और 11 दिनों तक अपने घरों में गणेशोत्सव मनाया था। उन्होंने ने कहा कि लोगों और कार्यकर्ताओं के जीवन को खतरे में डालना उचित नहीं है क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान बड़ी भीड़ होती है। गणेशोत्सव मंडल ने हमेशा से संकट के समय प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। पिछले कुछ दिनों से पुलिस के साथ-साथ महापालिका पर भी काफी तनाव बना हुआ है। इस कारण गणेश मंडल इस बार भी मदद करने की अपनी परंपरा को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों से कम भीड़ करने की अपील की जाएगी और केवल सादगी से गणेशोत्सव मनाया जाएगा। किसी भी प्रकार का धूम-धड़ाका नहीं होगा। गणेशोत्सव पर मुंबई की सड़कों पर दिन-रात भीड़ देखी जाती है। मुंबई में सार्वजनिक गणेश मंडल की मूर्तियां चर्चा और जिज्ञासा का विषय होती है। मुंबई में गणेशोत्सव को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। जहां एक ओर नरेंश दहिबावकर ने मंडलों को गणेशोत्सव मनाने के लिए कहा है, वहीं दूसरी ओर मंडल वेट इन वॉच की भूमिका में हैं।