" /> एकजुट होकर कोरोना को करेंगे बाहर! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

एकजुट होकर कोरोना को करेंगे बाहर! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

-विपक्षी नेताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की बातचीत

-विभिन्न दलों के नेताओं के सुझाव पर तत्काल हस्तक्षेप

कोरोना संकट को समाप्त करने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दल के नेताओं के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। हम सभी एकजुट होकर इस संकट को दूर करेंगे, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के अच्छे कार्यान्वयन के कारण अप्रैल में कोरोना के प्रसार को रोक दिया, अब आगे मई के अंत तक इसमें वृद्धि को नहीं होने देना है। अगर हर कोई सहयोग करे, तो हम अवश्य सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बातचीत करते हुए उक्त बातें कहीं। इस बैठक में भाग लेनेवाले नेताओं ने दोहराया कि वे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार के साथ हैं और उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री बैठक कर सभी को विश्वास में लेकर काम कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, मंत्री बालासाहेब थोराट, अशोक चव्हाण, जयंत पाटिल, मंत्रालय से मनसे प्रमुख राज ठाकरे, ठाणे से मंत्री एकनाथ शिंदे और विभिन्न नेताओं के अलावा विभिन्न जिले के नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दो महीने से अधिक समय हो गया है, जब हम कोरोना संकट से लड़ रहे हैं। चूंकि यह एक अभूतपूर्व परिस्थिति है, न केवल हमारा राज्य, बल्कि हमारा देश और दुनिया भी अशांत है। मैं समय-समय पर आप लोगों से फेसबुक, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि के माध्यम से बात करता रहता हूं। मैं आपके सुझावों को सुन रहा हूं, मीडिया के माध्यम से पढ़ रहा हूं। योग्य होने पर सरकार उस पर तत्काल अमल करती है। केंद्र सरकार भी इसमें हमारा भरपूर सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हों, सभी का मार्गदर्शन आसानी से उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में सख्त लॉकडाउन के कारण मरीजों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई, लेकिन हमें मई के अंत तक सावधान रहना होगा। मुंबई में रोगियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन हमने बीकेसी, वर्ली, रेसकोर्स जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षणों की संख्या भी बहुत बढ़ा दी है। वेंटिलेटर से ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। हम उचित देखभाल के साथ उत्तर भारतीय नागरिकों को भी भेज रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर लोगों को यात्रा करने की अनुमति देने से पहले उचित देखभाल की जाएगी, ताकि ऑरेंज और ग्रीन जोन में जोखिम न बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय संस्थान, सेना, पोर्ट ट्रस्ट से आईसीयू बेड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि उत्तर भारतीय श्रमिकों को परिवहन के लिए मुंबई से ट्रेन शुरू करने की अनुमति मिल गई है। मालेगांव और संभाजीनगर में कंटेंनमेंट जोन में अधिक अनुशासन की आवश्यकता है। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, प्रवीण दरेकर, मनसे प्रमुख राज ठाकरे आदि नेताओं ने अपने-अपने सुझाव रखे। वहीं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विपक्ष के नेताओं सहित अन्य दलों के नेताओं को किसानों की समस्याओं, आर्थिक परिस्थिति आदि बातों से अवगत कराया।