" /> कोरोना से बचाने के लिए बुजुर्गों का स्वतंत्र सर्वेक्षण शुरू

कोरोना से बचाने के लिए बुजुर्गों का स्वतंत्र सर्वेक्षण शुरू

4,312 बुजुर्गों की हुई जांच
105 को भेजा गया अस्पताल

कोरोना कोविड १९’ के हाई रिस्क ग्रुप में आनेवाले बुजुर्गों का स्वतंत्र सर्वेक्षण मनपा ने शुरू कर दिया है। महज दो दिनों में 31,872 घरों का सर्वेक्षण कर स्वास्थ्यकर्मियों ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें से करीब 4,312 बुजुर्ग कॉमॉर्बिड श्रेणी में पाए गए, जिसमें से 104 बुजुर्गों में ऑक्सिजन का प्रमाण 95 प्रतिशत से भी कम पाया गया। इन बुजुर्गों को नॉन कोविड अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया गया है।
बता दें कि कोरोना से मरनेवालों में बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऊपर से जो बुजुर्ग कोरोना के इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती हैं, वे पहले से ही मधुमेह, ह्रदयरोग, दमा, ब्लड प्रेशर, थाइरॉइड आदि बीमारी से पहले से पीड़ित हैं। हाई रिस्क में रहे बुजुर्गों पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। इसलिए मनपा हर झोपड़पट्टियों में बुजुर्गों का स्वतंत्र सर्वेक्षण कर रही है। सर्वेक्षण के लिए 400 लोगों की टीम बनाई गई है। इस टीम ने 26 अप्रैल से सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया। विगत दो दिनों में टीम ने 32 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया। इस सर्वे में दमा, मधुमेह, हृदयरोग, ब्लड प्रेशर आदि बीमारी के कॉमॉर्बिड श्रेणी में 4 हजार से अधिक मरीज पाए गए। इसमें से ढाई प्रतिशत यानी 104 बुजुर्गों में ऑक्सिजन का लेवल 95 प्रतिशत से कम पाया गया। इन्हें इलाज के लिए उपनगरों के ‘नॉन कोविड’ अस्पताल में भेजा गया है।