" /> कोरोना से मुकाबला के लिए सरकार तैयार : राज्य में 2 लाख आइसोलेशन बेड उपलब्ध

कोरोना से मुकाबला के लिए सरकार तैयार : राज्य में 2 लाख आइसोलेशन बेड उपलब्ध

राज्य में कोरोना के लिए त्रिस्तरीय उपचार व निगा केंद्रे की स्थापना की गई है। इन तीन वर्गों में 1677 उपचार केंद्रों में 1 लाख 76 हजार 347 विलगीकरण (आइसोलेशन) बेड हैं तो 7248 अतिदक्षता (आईसीयू) बेड उपलब्ध हैं। इसी प्रकार तीन हजार वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं। 80 हजार के आसपास पीपीई किटस, 2 लाख 82 हजार एन 95 मास्क उपलब्ध हैं। इस प्रकार से कोरोना से मुकाबला करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दी।
केंद्र सरकार के सुझाव के अनुसार कोरोना के उपचार के लिए अस्पतालों को तीन श्रेणी में वर्गीकरण किया गया है। कोरोना से गंभीर रूप से प्रभावित रोगियों के लिए प्रथम श्रेणी, सौम्य लक्षण वाले रोगियों के लिए द्वितीय श्रेणी और मामूली अंश वाले कोरोना रोगियों का इलाज तृतीय श्रेणी में किया जाता है। राज्य में प्रथम श्रेणी के 246 अधिकृत कोरोना अस्पतालों में 32 हजार 861 आइसोलेशन बेड हैं। इसमें आईसीयू विभाग के बेड का भी समावेश है। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी के 517 अधिकृत कोरोना अस्पताल व निगा केंद्र कार्यरत है। इसमें भी 31 हजार आइसोलेशन व आईसीयू बेड का भी समावेश है। तृतीय श्रेणी के 914 कोरोना अस्पताल व निगा केंद्र कार्यरत है। इसमें 1लाख 20 हजार 611 आइसोलेशन बेड है। इस प्रकार राज्य में कुल 1677 अस्पतालों में 1 लाख 76 हजार 347 विलगीकरण (आयसोलेशन) बेड है, जिसमें कोरोना के संशयित रोगियों के लिए 62 हजार 640, कोरोना प्रभावित रोगियों के लिए 1 लाख 13 हजार 707 बेड का समावेश है। इन तीनों श्रेणी के अस्पतालों में उपलब्ध बेडों के लिए पीपीई, किटस् व्हेंटीलेटर्स की संख्या भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। ऐसा टोपे ने स्पष्ट किया।