" /> कोरोना से होनेवाली मौतों को रोकने के लिए बनी समिति : मुंबई के लिए स्वतंत्र समिति

कोरोना से होनेवाली मौतों को रोकने के लिए बनी समिति : मुंबई के लिए स्वतंत्र समिति

कोरोना के कारण महाराष्ट्र में होनेवाली मौतों को रोकने के लिए दो समिति बनाई गई हैं, जिसमें मुंबई के लिए स्वतंत्र समिति की स्थापना की गई है। यह समिति कोरोना से होनेवाली मृत्यु का विश्लेषण करने औऱ उसका प्रमाण कम करने के लिए बनाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने मुंबई औऱ आसपास के परिसर के लिए एक समिति बनाई है व बाकी महाराष्ट्र  के लिए विशेषज्ञों की अलग समिति बनाई गई है। यह  जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने  दी।
राज्य व मुंबई परिसर में एकाध रोगी की कोरोना के कारण मृत्यु हुई तो उस अस्पताल के प्रमुख को मृतक रोगी की सविस्तार जानकारी समिति के पास भेजनी होगी व समिति के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा उपस्थित रहकर जानकारी देना अनिवार्य होगा, ऐसा पत्र स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने सर्व जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, जिला शल्यचिकित्सकों को भेजा है।
मुंबई शहर व परिसर में कोरोना वायरस से मृत्यु का प्रमाण अधिक है। इस पर उपाय योजना व विश्लेषण के लिए सात सदस्यीय बनाई गई है। यह समिति कोरोना के कारण होनेवाली मृत्यु का विश्लेषण करेगी और मृत्यु प्रमाण को कम करने के संबंध में सुझाव देगी। उसके अनुसार कोरोना के उपचार के लिए अस्पतल में आवश्यक तैयारी की जाएगी। मुंबई शहर के लिए नियुक्त समिति के अध्यक्ष पद पर केईएम अस्पताल के पूर्व अधिष्ठाता डॉ. अविनाश सुपे, केईएम अस्पताल औषधि वैद्यकीय शास्त्र प्रमुख डॉ. मिलिंद नाडकर, सायन अस्पताल के अतिदक्षता विभाग प्रमुख डॉ. नितीन कर्णिक , जेजे अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन की प्रा. डॉ. छाया राजगुरू, जेजे अस्पताल औषधि वैद्यकीय शास्त्र विभाग प्रमुख डॉ. विद्या नागर, स्वास्थ्य विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ. सुभाष सालुंके का इस समिति में समावेश है। स्वास्थ्य संचालक डॉ. साधना तायडे समिति सदस्य की सचिव है। इसी प्रकार राज्य के बाकी क्षेत्रों के लिए भी डाक्टरों  की समिति स्थापित की गई है, ऐसा टोपे ने बताया।