" /> कोरोना हारेगा : विद्या का मंदिर बनेगा क्वारन्टीन केंद्र

कोरोना हारेगा : विद्या का मंदिर बनेगा क्वारन्टीन केंद्र

स्थायी समिती की बैठक में प्रशासन की जानकारी
ठाणे मनपा द्वारा एक हजार बेडवाले कोरोना अस्पताल का निर्माण कार्य किया जा रहा है जो जल्द ही पूर्ण होनेवाला है। कोरोना मरीजों के संपर्क में आनेवाले और बिना लक्षणवाले कोरोना मरीजों को अलग रखने के लिए ठाणे के सभी विद्यालयों और कॉलेजों को क्वारन्टीन केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत जल्द ही की जाएगी।
बता दें कि ठाणे मनपा क्षेत्र में कोरोना मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार जा चुका है। मरीजों को ठीक करने और स्थिती को स्थिर करने के लिए ठाणे जिला पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक हजार बेडवाले कोविड अस्पताल के निर्माण कार्य का जिम्म मनपा को सौंपा है। अस्पताल का निर्माण अंतिम चरण में है। अब कोरोना मरीज के संपर्क में आनेवाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सुविधाओं से लैस क्वारन्टीन केंद्र बनाने का निर्णय मनपा प्रशासन ने लिया है। इस निर्णय अनुसार ठाणे मनपा अपनी सीमा में आनेवाले विद्यालय और कॉलेजों को क्वारन्टीन सेंटर में तब्दील कर दिया जाएगा। जल्द ही कागजी कार्रवाई के बाद विद्यालय और कॉलेजों को क्वारन्टीनसेंटर बना दिया जाएगा।

फायदा
कई मामले ऐसे देखे गए हैं जिसमें होम क्वारन्टीन किया गया मरीज प्रशासन के निर्देशों का पालन ना कर घर से बाहर घूमता नजर आता है। क्वारन्टीन सेंटर का कार्य पूर्ण हो जाने से नियमों का उल्लंघन करनेवाले ऐसे लोगों पर लगाम कसी जा सकती हैं और उन्हें विद्यालय में बने क्वारन्टीन सेंटर में भर्ती किया जाएगा।

एक स्वतंत्र समिति नियुक्त की जाएगी
स्कूलों और कॉलेजों में क्वारन्टीन केंद्र शुरू करने के लिए स्थानीय पार्षदों को विश्वास में लिया जाएगा और वार्ड समिति स्तर पर एक स्वतंत्र समिति नियुक्त की जाएगी। इस समिति में नगरसेवकों, मनपा अधिकारियों, जिला कार्यालय के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों आदि को शामिल किया जाएगा। प्रशासन ने स्थायी समिति की बैठक में बताया कि यह समिति प्रत्येक वार्ड में स्कूलों और कॉलेजों में अलगाव कक्ष स्थापित करने का निर्णय लेगी।

-ठाणे मनपा के 128 स्कूल हैं। 80 से अधिक निजी स्कूल हैं। कॉलेजों की संख्या भी 20 है।

– कोरोना संकट खत्म होने तक स्कूल और कॉलेज शुरू नहीं हो पाएंगे इसलिए, इन बंद इमारतों में क्वारन्टीन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है।

– स्कूलों और कॉलेजों में रोशनी, पानी और शौचालय की व्यवस्था के साथ अगर क्वारन्टीन केंद्र शुरू किया जाता है, तो संदिग्धों को अलग करना आसान होगा