" /> कोविड का अंत नहीं है, बल्कि सुधारों की शुरुआत है -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोविड का अंत नहीं है, बल्कि सुधारों की शुरुआत है -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

राज्य के उत्थान के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राज्य सरकार के साथ
मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अपने अनुभव का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उनका स्वागत है और यदि उद्योग-व्यवसाय-कृषि क्षेत्र में सेवानिवृत्त अधिकारी मदद के लिए आगे आते हैं तो उनका मार्गदर्शन अवश्य लिया जाएगा, ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। कल उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और उनके सुझावों को सुना। मुख्य सचिव अजोय मेहता ने बैठक का संचालन किया। इस बैठक में निवृत्त आईएएस अधिकारी यशवंत भावे, रामनाथ झा, सुबोध कुमार, जयंत कावले आदि ने अपने सुझाव रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सही है कि राज्य में नए उद्योग आने चाहिए। कुछ महीने पहले मैंने सह्याद्री गेस्ट हाउस में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ चर्चा की थी और उनसे उन कठिनाइयों के बारे में पूछा था, जो वे झेल रहे थे और राज्य सरकार उनके लिए क्या कर सकती है, ऐसा पूछा था। मूलरूप से जब आप नए उद्योगों को बाहर से आमंत्रित करते हैं तो आप इस बारे में नहीं सोचते हैं कि मौजूदा उद्योगों की क्या समस्याएं हैं, क्या उन्हें कुछ मदद की आवश्यकता है। घरेलू उद्योगों को पहले ध्यान रखना चाहिए।
आज हम नागरिकों को करों और अन्य माध्यमों से आय के एकमात्र स्रोत के रूप में देखते हैं। आज बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय कर्मचारी राज्य से बाहर चले गए हैं। ये कर्मचारी बड़ी जिम्मेदारियां निभाते थे, अब हम इन उद्योगों, व्यवसायों, बुनियादी ढांचे के कामों में बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को शामिल कर रहे हैं। हालांकि कोरोना संकट गंभीर है, इसने हमें बहुत कुछ सिखाया है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक, संजय कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, प्रधान सचिव वल्सा नायर सिंह, प्रधान सचिव विकास खारगे, बी. वेणुगोपाल रेड्डी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनबलगन आदि ने चर्चा में भाग लिया और अनेक मुद्दे रखे।