" /> कोविड- १९ का डर सताए… चित्रक हरीतकी अवलेह, गिलोयघन वटी एवं यष्ट्रीमधु घन वटी रोज खाएं

कोविड- १९ का डर सताए… चित्रक हरीतकी अवलेह, गिलोयघन वटी एवं यष्ट्रीमधु घन वटी रोज खाएं

मेरे भाई की उम्र २४ वर्ष है। वह सिलाई का काम करता है। हर `ठंडी के मौसम में रात को सोने के बाद ४-५ घंटे पर उसकी कुहनी व हथेली में दर्द शुरू हो जाता है। झुनझुनी शुरू हो जाती है। कभी-कभी उंगलियां जकड़ जाती हैं और सीधी भी नहीं होतीं। कोई उचित दवा बताएं।
प्रीतम- सायन (मुंबई)
पत्र के वर्णन व लक्षणों से लग रहा है कि आपके भाई सिर के नीचे हाथ रखकर एक तरफ सोते हैं। ऐसा करने पर हाथों में झुनझुनी व जकड़ाहट होती है, साथ ही साथ सिलाई का काम करते हैं, अत: काम के कारण ऐसे लोगों को मन्यागतवात (सरवाइकल स्पांडलेसिस) भी होता है। यदि यह व्याधि हो व सिर के नीचे हाथ रखकर सोएं तो यह लक्षण होना ही है, जो लोग शराब पीकर इस तरह सोते हैं, उन्हें भी यह तकलीफ हो जाती है।
कैशोर गुगुल व योगराज गुगुल की २-२ गोली दिन में ३ बार लें। महारास्नादि क्वाथ ४-४ चम्मच २ बार समप्रमाण पानी मिलाकर भोजन के बाद लें। गले के प्रदेश के लिए व्यायाम करना जरूरी है। अत: छोटा-मोटा व्यायाम करें। योग अभ्यास भी उपयोगी है। रात को सोते समय सीधे सोएं, हाथों पर शरीर का वजन न आने दें। बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा व शराब आदि का सेवन न करें।
मेरी उम्र ५२ वर्ष है। शरीर दुबला-पतला है। शरीर में खून की कमी है। हिमोग्लोबीन १० ग्राम के आस-पास रहता है। रात में २-३ बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है। तीन-चार लिटर पानी पीता हूं। मुझे अच्छी व गहरी नींद नहीं आती। अत: सुबह उठने के बाद प्रैâश नहीं रहता हूं। कृपया उपचार बताएं।
अंकित दुबे- कांदिवली
बहुत ज्यादा पानी पीने की जरूरत नहीं है। पूरे दिन में निरोगी व्यक्ति को २ लीटर तक ही पानी पीना चाहिए। ज्यादा पानी पीने से आपके गुर्दे (किडनी) को ज्यादा काम करना पड़ता है। ज्यादा पानी पीना भी रोग का कारण बन सकता है। ज्यादा पानी पीएंगे तो पेशाब भी बार-बार होगा इसलिए आपको रात में बार-बार उठना पड़ता है। इसी वजह से आपको गहरी व अच्छी नींद नहीं मिल पाती है। प्यास लगने पर ही धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा पानी रुक-रुक कर पीना चाहिए। ठंडा पानी शरीर व पाचन क्रिया के लिए नुकसानदायक होता है। आपका हेमोग्लोबीन १० ग्राम है, जो कि कम है। यह कम क्यों है, इसकी जांच आवश्यक है। शरीर मे रक्त नहीं बन रहा है या शरीर से रक्त बाहर जा रहा है क्या? इसकी जांच होनी चाहिए। उचित व पौष्टिक आहार का सेवन बढ़ाएं। अंकुरित धान्य, गुड़, चना, सिंगदाना, ड्रायप्रâुट, अंडा, लीवर (कलेजी), पालक, दूध, अनार, बीट, टमाटर आदि खाने में बढ़ाएं। पौष्टिक आहार से काफी बदल जाएगा। गाय का घी ४ से ६ चम्मच रोज खाएं। खून बढ़ाने के लिए गाय का घी बहुत उपयोगी है।
पुर्ननवामंडूर व अम्रलोह की २-२ गोली ३ बार खाएं। कुमारी आसर व लोहासत् दोनों ३-३ चम्मच मिलाकर व उमें समप्रमाण पानी अर्थात ६ चम्मच पानी मिलाकर दिन में २ बार भोजन के बाद लें। हल्का-फुल्का व्यायाम भी करें।
मुझे २ महीने पूर्व कोविड हुआ था। अब मैं बिल्कुल ठीक हूं। पोस्ट कोविड कुछ तकलीफ न हो इसके लिए कौन-सी आयुर्वेद औषधि हूं।
रामअवध- मुंबई
कोविड १९ बीमारी पूर्णत ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड तबीयत ठीक रहे उसके लिए प्राणायम, ब्रीथींग एक्सरसाइज, अनुलोम-विलोम, भ्रसिका बहुत उपयोगी है। कोविड के बाद फुफ्फुस में फायबेरा सिस होने का खतरा बना रहता है जो कि उपरोक्त बताए हुए उपायों को अपनाने से कम हो जाता है। आयुर्वेद में अपुर्नभव चिकित्सा अर्थात व्याधी पुन: न हो साथ ही साथ शरीर स्वस्थ रह उसके लिए रसायन चिकित्सा बताई है। चित्रक हरीतकी अवलेह २ चम्मच रोज गरम दूध या गरम पानी से सुबह नाश्ते के पहले लें। गिलोयघन वटी एवं यष्ट्रीमधु घन वटी की १-१ गोली दिन में बार लें। ठंडी वस्तुएं, कोल्ड्रिंक, दही, इमली, फास्ट फूड न खाएं। मास्क पहनें व २ गज की दूरी रख सोशल फिजीकल डिस्टेंस रखें।