" /> कोविड 19 : संक्रमित गर्भवती महिला के परिजनों समेत गांव के अन्य लोगों और अस्पतालकर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव

कोविड 19 : संक्रमित गर्भवती महिला के परिजनों समेत गांव के अन्य लोगों और अस्पतालकर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव

– जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि सभी 44 सेम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आई है
– अयोध्या भगवान श्री राम की नगरी में कोरोना संक्रमण से राहत
– लेकिन अभी कोविड 19 से संक्रमित महिला की दूसरी जांच रिपोर्ट आनी बाकी, हो रहा है इंतजार

अयोध्या भगवान श्री राम की नगरी से कोरोना संक्रमण से संबंधित राहत वाली खबर आई है। कोतवाली अयोध्या के सेनेथू गांव में कोविड-19 से संक्रमित गर्भवती महिला के परिजनों समेत गांव के अन्य लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। लेकिन अभी कोविड-19 से संक्रमित महिला की दूसरी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

22 अप्रैल को प्राइवेट हॉस्पिटल द्वारा गर्भवती महिला का प्राइवेट लैब में कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई थी। जांच में गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिले में पहला कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया था। जिला प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए सनेथू गांव के चारों ओर की सीमाओं को सील कर दिया था। यही नहीं जिस प्राइवेट हॉस्पिटल में कोविड-19 के संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिला का इलाज हो रहा था। उस हॉस्पिटल को सील करते हुए वहां के डॉक्टर, स्टाफ, इलाज करा रहे मरीज व उनके तीमारदार को जिले के एक होटल में क्वारंटाइन किया गया था। महिला के परिजनों, डॉक्टर और हॉस्पिटल स्टाफ सहित 44 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिसको जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। आज उसकी जांच रिपोर्ट सामने आई है जांच रिपोर्ट में डॉक्टर, स्टाफ व पीड़ित महिला के परिजनों समेत 44 लोगों की कोविड-19 नेगेटिव पाई गई है।

हालांकि जिला प्रशासन ने प्राइवेट हॉस्पिटल की लापरवाही को देखते हुए हॉस्पिटल के मालिक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि सभी 44 सेम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब संक्रमित महिला की दूसरी रिपोर्ट आनी बाकी है। महिला फिलहाल अभी सुल्तानपुर में बने कोविड-19 के हॉस्पिटल में भर्ती है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि कोरोना संक्रमण में कई बार देखने को मिला है कि वह डिस एक्टिव होने के कुछ दिन बाद भी एक्टिव होने के चांस होते हैं। ऐसे में प्रशासन प्राइवेट लैब में जांच की समीक्षा भी करता रहेगा। जनता के हित के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे उसे उठा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों की एसोसिएशन आईएमए ने प्राइवेट हॉस्पिटल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर नाराजगी भी जताई। आईएमए ने हड़ताल में जाने तक की भी धमकी दी थी। लेकिन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा व आईएमए के अयोध्या प्रेसीडेंट डॉ. एस. एम. द्विवेदी की हुई वार्ता के बाद आईएमए ने हड़ताल वापस ले लिया। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को सहयोग का आश्वासन दिया है, जिससे वह अपने हॉस्पिटल में इमरजेंसी केस को देख सकें।