कोस्टल रोड, कायाकल्प का शंखनाद, उद्धव ठाकरे के हाथों कल होगा भूमिपूजन

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की संकल्पना से साकार होनेवाले कोस्टल रोड का कल रविवार को भूमिपूजन होगा। शहर की व्यस्त ट्रैफिक समस्या का कायाकल्प करनेवाले कोस्टल रोड के बनने से सड़क के साथ-साथ शहर की भी सूरत बदलनेवाली है। इसी महत्वाकांक्षी कोस्टल रोड के शुभारंभ का कल शाम ४ बजे शंखनाद होनेवाला है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों देश के पहले कोस्टल रोड का भूमिपूजन होगा। चार वर्ष में पूर्ण होनेवाले इस कोस्टल रोड के कारण घंटों का सफर मिनटों में तय होनेवाला है। पहले चरण के तहत प्रिंसेस स्ट्रीट से वरली तक के ९.९८ किलोमीटर लंबे काम का शुभारंभ कल किया जानेवाला है। कोस्टल रोड से पश्चिम उपनगर में बसे मुंंबईकरों को शहर में आने और जाने की सुविधा होगी। इतना ही नहीं कोस्टल रोड मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगा। भूकंप रोधी तथा अग्नि रोधक इस कोस्टल रोड के निर्माण पर करीब साढ़े १२ हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
मुंबईकरों को चुनाव में दिए गए एक और वचन की पूर्ति शिवसेना करने जा रही है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की संकल्पना से मनपा द्वारा कोस्टल रोड का निर्माण किया जानेवाला है। इसका भूमिपूजन रविवार, १६ दिसंबर को उद्धव ठाकरे के हाथों होगा। इस भूमिपूजन के बाद कोस्टल रोड के निर्माण कार्य का श्रीगणेश रविवार से ही होगा। २९ किमी के इस कोस्टल रोड के बनने से मुंबईकरों का प्रवास जहां सुखमय होगा, वहीं वे खुले में सांस भी ले सकेंगे। बता दें कि कोस्टल रोड के निर्माण के लिए लगनेवाली सभी सरकारी अनुमति मनपा ने हासिल कर ली थी। दक्षिण मुंबई के प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाइओवर से लेकर कांदिवली तक बननेवाले कोस्टल रोड का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में करीब १० किमी कोस्टल रोड का निर्माण मनपा तीन चरणों में समय पर पूरा करेगी। इस कार्य के लिए तीन ठेकेदारों का चयन किया गया है। पहले चरण में प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से बांद्रा-वरली सी-लिंक के दक्षिण छोर तक का कोस्टल रोड बनाया जाएगा। १० किमी के इस कोस्टल रोड में समुद्र के अंदर सुरंग, १८ अंतर बदलाव मार्ग, बगीचे आदि होंगे। कोस्टल रोड के निर्माण में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह कोस्टल रोड फायर और भूकंप प्रूफ होंगे। रविवार को शाम चार बजे वरली के अमरसंस उद्यान में इस कार्य का भूमिपूजन होगा। कोस्टल रोड के लिए सॉइल टेस्टिंग आदि का अध्ययन किया जा रहा है। कोस्टल रोड के निर्माण के समय शहर में ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए तीन जगह जेट्टी बनाई जा रही है ताकि जल मार्ग के जरिए निर्माण कार्यों के सामानों की आवाजाही हो सकें। मरीन ड्राइव और वरली में कोस्टल रोड निर्माण के लिए बैरिकेट्स भी लगाए गए हैं। ‘सुखमय प्रवास खुले में सांस’ और ‘कनेक्टिंग पीपल कनेक्टिंग प्लेस’ बैरिकेट्स पर लगी यह टैग लाइन मुंबईकरों को आकर्षित कर रही है।