कौस्तुभ दर्शन को उमड़ा जन सैलाब, नम आंखों से दी विदाई

शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले वतन पर मरनेवालों का यही बाकी निशां होगा…
सोमवार ६ अगस्त को उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सीमा पार से घुसपैठ का प्रयास कर रहे ८ आतंकवादियों से लोहा लेते हुए २ आतंकवादियों को ढेरकर अपने ३ जवान साथियों के साथ शहीद हुए मेजर कौस्तुभ प्रकाश राणे गुरुवार को अनंत में विलीन हो गए। मीरा रोड के बैकुंठ धाम में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कौस्तुभ के दर्शन हेतु हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ पड़ा था। सभी ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। अपने साथी की अंतिम विदाई में सेना के जवानों की आंखें भी बार-बार छलक रही थीं।
गुरुवार को सुबह से ही कौस्तुभ के निवास स्थान हीरल सागर, शीतल नगर में लोगों का हुजूम जमने लगा था। प्रात: ६ बजे के आसपास जैसे ही भारतीय सेना की गाड़ी कौस्तुभ के पार्थिव शरीर को लेकर वहां पहुंची वैसे ही लोगों ने मेजर कौस्तुभ अमर रहें के उद्घोष के साथ उनका अभिवादन किया। देश प्रेम से सराबोर लोग वंदे मातरम्, भारत माता की जय, जब तक सूरज-चांद रहेगा कौस्तुभ तेरा नाम रहेगा के नारों और फूलों की बरसात तथा सड़कों पर पूâल बिछाकर मेजर कौस्तुभ राणे की अंतिम विदाई यात्रा ११ बजे निकाली गई।
कौस्तुभ का अंतिम संस्कार मीरारोड के बैकुंठ धाम में किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी। उसके बाद कौस्तुभ के २ वर्षीय पुत्र अगस्त्य और पिता प्रकाश राणे ने मिलकर उन्हें मुखाग्नि दी। उस समय हजारों की संख्या में उपस्थित जनसैलाब की आंखे नम हो गर्इं।
कौस्तुभ की अंतिम विदाई में गृह राज्यमंत्री डॉ. दीपक केसरकर, ठाणे जिला पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद राजन विचारे, विधायक प्रताप सरनाईक, नरेंद्र मेहता, महापौर डिंपल मेहता, सभी दलों के जनप्रतिनिधि, मनपा आयुक्त बालाजी खतगावकर, पुलिस महानिरीक्षक नवल बजाज, होली क्रॉस हाईस्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक के अलावा मीरा-भाइंदर के हजारों नागरिक शामिल हुए थे।
शहीद मेजर कौस्तुभ राणे अपने पीछे पिता प्रकाश, माता ज्योति, छोटी बहन काश्यपी, पत्नी कनिका और २ वर्षीय पुत्र अगस्त्य को छोड़ गए हैं।
शरीर नहीं पर आत्मा साथ
आमतौर पर सड़कों या चौराहों पर राजनीतिक पार्टियों या विज्ञापनों के पोस्टर्स नजर आते हैं पर कल मीरा रोड-पूर्व के शीतल नगर में हर जगह कौस्तुभ ही कौस्तुभ नजर आ रहे थे। विभिन्न गणपति मंडलों, समाजसेवकों और युवाओं ने जगह-जगह कौस्तुभ की याद में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाकर उनके प्रति अपना प्रेम व्यक्त किया। कल शीतल नगर में हर दस कदम पर कौस्तुभ के बैनर व पोस्टर्स दिखाई दिए जिन पर कौस्तुभ के अमर रहने की बात लिखी गई। लोगों का मानना है कि कौस्तुभ का शरीर भले ही उनके बीच मौजूद नहीं है पर आत्मा आज भी साथ है और देश के लिए कुर्बानी देकर वे हमेशा के लिए अमर हो गए हैं। मीरा रोड में कल शहीद की याद में सभी की आंखें नम थीं।