क्या अर्जुन चमकेगा?

इन दिनों एक चर्चा जोरों पर है कि सचिन तेंदुलकर के सुपुत्र अर्जुन तेंदुलकर क्या भविष्य के क्रिकेट स्टार बन पाएंगे? या वे सुनील गावस्कर पुत्र रोहन गावस्कर की तरह गुल हो जाएंगे? स्टार खिलाड़ी पुत्रों के लिए ये लाभ तो होता ही है कि उनका मार्ग खुला हुआ होता है, वे टीम में शामिल कर ही लिए जाते हैं मगर असली युद्ध तो उन्हें टीम में शामिल होकर अपने प्रदर्शन से ही लड़ना होता है। यहीं उनकी प्रतिभा का असली इम्तहान होता है। इस इम्तिहान में कई खिलाड़ी पुत्र हैं जो आए और चलते बने। चूंकि सचिन क्रिकेट में भगवान का दर्जा प्राप्त खिलाड़ी हैं लिहाजा उनके पुत्र को लेकर भी क्रिकेट तथा प्रशंसकों में उत्सुकता है, अपेक्षाएं हैं कि वो भी सचिन जैसा करिश्मा दिखाएं। स्टार पुत्रों के लिए ये उनका सबसे बुरा पक्ष भी होता है कि उनसे अपेक्षाएं रख ली जाती हैं और वे जरा भी असफल हुए तो पूरी तरह नकार दिए जाने जैसी स्थिति बन जाती है। इसलिए अर्जुन को बहुत फूंक-फूंक कर कदम उठाने होंगे तथा उन्हें अपने पहले ही मैच से बेहतर प्रदर्शन दिखाने का एक दबाव भी होगा। संभवत: सचिन तेंदुलकर उनकी मानसिक स्थिति को समझते हुए उन्हें हौसला भी दे रहे हों।