क्या कांपता रहेगा पालघर?, पालघर में लगे दो और सिस्मोमीटर

पालघर जिले को यदि भूकंपी क्षेत्र कहें तो शायद गलत नहीं होगा। विगत कुछ महीनों से पालघर में भूकंप के इतने झटके लगे हैं कि वहां के लोगों को इसकी आदत हो गई है। दूसरी ओर भूगर्भ वैज्ञानिक व क्षेत्रीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने निरंतर आ रहे भूकंप के झटकों को मापने के लिए दो और सिस्मोमीटर लगाए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या पालघर ऐसे ही कांपता रहेगा? मौसम विभाग भी इस पर चुप्पी साधे है।
बता दें कि विगत दो महीनों में ७ से ८ बार पालघर जिले के डहाणू में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के झटके ३.६ रिएक्टर स्केल से कम के ही मापे गए हैं। बार-बार लग रहे झटकों को देख क्षेत्रीय मौसम विभाग और भू-गर्भ वैज्ञानिकों ने पालघर के वेदांत अस्पताल के समीप एक सिस्मोमीटर लगाया था। क्षेत्रीय मौसम विभाग के उपनिदेशक के एच. होसालिकर ने बताया कि पालघर जिला सिस्मिक जोन तीन के अंतर्गत आता है। अन्य कई जगहों पर भी भूकंप के झटके निरंतर आ रहे हैं इसलिए हमने दो और सिस्मोमीटर डहाणू के जमशेत डोंगरीपाड़ा, आंगनवाड़ी स्टडी रूम और कासा आचार्य भिसे स्कूल के समीप लगाया है। उक्त उपकरणों से धरती में हो रही छोटी सी छोटी हलचल को भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे आगे भूकंप से बचने की योजना बनाने में काफी सफलता मिलेगी।