" /> क्या है क्रिकेट का बॉयो प्रोटोकॉल ?

क्या है क्रिकेट का बॉयो प्रोटोकॉल ?

कोरोना आपदा ने जहाँ दुनिया की रफ्तार लड़खड़ा दी वहीं खेल जगत की दशा और दिशा दोनों बिगाड़ दी है। नए नए नियमों से सज्ज खेल में खिलाड़ियों को ढलना कठिन होता जा रहा है किंतु इस उम्मीद के साथ कि वे नए नियमों में ढल जाएंगे, मैदान पर खेल जारी है। बावजूद इसके इंग्लैंड का एक तेज गेंदबाज इस नियम के जाल में फंसा और उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। दरअसल एक प्रोटोकॉल निर्मित किया गया है जिसे बॉयो
प्रोटोकॉल कहते हैं, ये आखिर है क्या?
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज चल रही है। पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ४ विकेट से हार गई थी। दूसरा मैच मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। इस मैच से पहले की एक घटना ने इस प्रोटोकॉल का रूप क्रिकेट जगत में अख्तियार किया जब इंग्लैंड को अपने प्रमुख तेज गेंदबाज जोप्रâा आर्चर को टीम से बाहर करने का कड़ा फैसला करना पड़ा। दरअसल, वह साउथैम्पटन से लौटते समय बीच में ब्राइटन में अपने घर चले गए थे, जो जरूरी जैव सुरक्षित प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
अब ये जान लेते हैं कि इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन के बाद क्या होगा? सीधी सी बात है कि जोप्रâा आर्चर को अब पांच दिन तक क्वॉरंटीन पर रहना होगा और इस दौरान उनके कोविड-१९ के लिए दो टेस्ट होंगे। जांच में नेगेटिव पाए जाने पर ही टीम में उनकी वापसी हो पाएगी।
वैसे तो गलती का अहसास होते ही आर्चर ने बयान जारी करते हुए माफी मांगी है। किन्तु कोरोना वायरस के खौफ की वजह से यह सीरीज जैव-सुरक्षित वातावरण में खेली जा रहा है। और ये बहुत आवश्यक हो जाता है प्रत्येक खिलाड़ी ध्यान रखे। हिदायतों से खेले अन्यथा जहाँ उनके स्वास्थ्य को हानि है वहीं क्रिकेट के स्वास्थ्य के लिए भी ये ठीक नहीं। बॉयो प्रोटोकॉल एक तरह से रोग से बचने का प्रयास है इसके शुरुआत या प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उपायों का एक माध्यम है। इसका उद्देश्य वायरस, बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों के कारण लोगों या जानवरों के संक्रमित होने या जोखिम को कम करना है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) इसी तरह का एक सेटअप तैयार किया, जिसे जारी वेस्टइंडीज सीरीज में फॉलो किया जा रहा है। स्टेडियम से लेकर होटल का कमरा तक सेनेटाइज करने के अलावा खिलाड़ियों और संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए कड़े नियम बनाए गए हें।
जैव-सुरक्षित वातावरण नियमों के तहत दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बाहर घूमने की आजादी नहीं है। खिलाड़ियों के अलावा मैच ऑफिशल्स को भी सोशल डिस्टैंसिंग का कड़ाई से पालन करना है। इसी नियम के तहत वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को इंग्लैंड पहुंचने के बाद तीन सप्ताह के लिए क्वॉरंटीना होना पड़ा था। गेंद चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर पाबंदी है। इसके अलावा खिलाड़ी विकेट लेने के बाद हाथ मिलाकर जश्न नहीं मनाएंगे।मिलाएंगे। वहीं सभी तीन टेस्ट मैच बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच अधिकारियों, परिचालन कर्मचारियों, आवश्यक स्थल कर्मचारियों, प्रसारकों और मीडिया को नियामों का कड़ाई से पालन करना होगा। कॉमेंट्री के दौरान कॉमेंटेटेर एक-दूसरे से काफी दूर बैठ रहे हैं। प्रेस कॉन्प्रâेंस या पुरस्कार वितरण के दौरान भी इन नियमों का पालन किया जा रहा है। इतने नियम यदि न रखे जाएंगे तो हालत बिगड़ने के शत प्रतिशत अवसर हैं। दुनिया से अभी कोरोना महामारी टली नहीं है। और यदि कोई भी लापरवाही की जाएगी तो न केवल ये एक खिलाड़ी के लिए खतरनाक है बल्कि खेलो की शुरुआत वाली योजनाओं पर भी पानी फेर देगी। इसलिए जोप्रâा पर कड़ी कार्यवाही की गई है।