" /> खाकी कवच

खाकी कवच

कोरोना वायरस से देशभर में दहशत का माहौल है। कोरोना वायरस बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर शीघ्र प्रभाव डालता है। ऐसे में खाकी वर्दी वाली मुंबई पुलिस ने एक नई पहल की है। मुंबई पुलिस अपने घरों में अकेले रहनेवाले बुजुर्गों को सेनिटाइजर और साबुन सहित अन्य आवश्यक सामान पहुंचाएगी। बता दें कि मुंबई में ४० हजार बुजुर्ग ऐसे हैं जो अकेले रहते हैं। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता प्रणय अशोक ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि मुंबई पुलिस हमेशा से अकेले रह रहे बुजुर्गों का खयाल रखती आई है। शहर में जहां लोग कोरोना वायरस से बचने की कोशिश कर रहें है, ऐसे में इन लोगों की समस्याएं बढ़ जाती हैं जिसे कम करने की जरूरत है। मुंबई के सभी ९४ पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई बुजुर्ग जिसका पंजीकरण सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन नंबर में है, अगर वे फोन करते हैं कि उन्हें मदद की जरूरत है तो इलाके के स्थानीय पुलिस स्टेशन को आगाह करते हुए तुरंत एक टीम उसके पास भेजी जाएगी। आपातकालीन स्थिति में वे अगर हैंड सेनिटाइजर, साबुन या उनके स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की जरूरी दवाओं की मांग करते हैं तो उसे तुरंत मुहैया करवाई जाएगी। कोरोना वायरस को देखते हुए बुजुर्गों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में पुलिस के पास करीब ४० हजार बुजुर्गों की लिस्ट तैयार है, जिन्हें पंजीकृत किया गया है। मुंबई पुलिस ऐसे सभी बुजुर्गों का खयाल रखती है तथा पुलिस निरंतर इनसे मिलती रहती है। इससे इनकी सेहत का भी खयाल रखा जाता है और इन लोगों का निरंतर मेडिकल चेकअप भी किया जाता है। वर्ष २००८ में मुंबई पुलिस ने १०९० नामक हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की थी, जिसका मकसद था कि बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों की मदद किया जा सके।