" /> खुशी, खुशी, खुशी : तीन साल के लड़के से लेकर 92 साल की महिला ने जीता कोरोना से युद्ध

खुशी, खुशी, खुशी : तीन साल के लड़के से लेकर 92 साल की महिला ने जीता कोरोना से युद्ध

संक्रमित महिला, लड़के सहित 15 लोग ठीक होकर गए घर
हम कोरोना वायरस के प्रकोप से भयभीत थे, जब हमारे परिवार का परीक्षण किया गया तो पूरे परिवार में कोरोना सकारात्मक होने की सूचना मिली। पुणे क्षेत्र के एक परिवार व सगे-संबंधियों को मिलाकर हम 20 लोग थे। हम इस बात से चिंतित थे कि हमारे साथ क्या होगा, जीवन बचेगा कि नहीं? लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के कारण हम ठीक हो गए। यह भावना परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य ने व्यक्त की।
परिवार के वरिष्ठ सदस्य ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शुरू में हमारे पिता को निमोनिया था। हम उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में ले गए लेकिन किसी ने उन्हें भर्ती नहीं किया। आखिरकार नायडू को पुणे नगर निगम अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें ससून अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्हें कोरोना संक्रमण के कारण एक अलग वॉर्ड में रखा गया था। वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया गया लेकिन निमोनिया से उनकी मृत्यु हो गई। उक्त घटना के बाद घर के पूरे सदस्य डर गए थे। हमारे परिवार और रिश्तेदारों के साथ लगभग 20 लोग कोरोना बाधा से पीड़ित थे। हर कोई डरा हुआ था, हम में से 8 लोग एक ही परिवार से थे। हमें उपचार के लिए अलग सिम्बायोसिस अस्पताल में रखा गया था। वास्तव में पूरा परिवार डरा हुआ था लेकिन डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के सभी सदस्यों ने ऐसा व्यवहार किया जैसे कि हम अपने ही परिवार के सदस्य हों। वे लोग हम सभी लोगों से डरने की नहीं, बल्कि सावधान रहने की अपील करते थे। सरकार हमारे लिए बहुत कुछ कर रही है। सर्दी, बुखार, खांसी के मामले में बिना किसी समस्या के अस्पताल जाएं और उपचार लें। कोरोना संक्रमित है लेकिन साहस के साथ सामने आएं। सभी मशीनरी आपके लिए काम कर रही हैं। आपको बस उन लोगों के साथ अधिक सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना होगा, ऐसी भावना उक्त परिवार के वरिष्ठ सदस्य ने व्यक्त की। सिम्बायोसिस अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय नटराजन ने कहा, कोरोना के सिम्बायोसिस अस्पताल में 8 अप्रैल को 155 मरीज भर्ती कराए थे, उनमें से एक ही परिवार के 8 लोग थे। 14 दिनों के उपचार के बाद जब उसका नमूना नकारात्मक आया तो वे सभी लोग खुशी से झूम उठे। सबसे मजेदार बात यह थी कि ठीक होनेवालों में 3 साल के लड़के से लेकर 92 वर्षीय महिला के अलावा एक पोलियो से पीड़ित मरीज का भी समावेश  है। कल उक्त अस्पताल से 15 मरीज ठीक होकर अपने घर गए। इस बात को लेकर पुणे परिसर में खुशी की लहर है।