खोखली ओपनिंग

इस ओपनिंग से आप यदि कहें कि ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर जीत के ख्वाब साकार किए जाएंगे तो गलत होगा। गलत होगा ये कहना कि मुरली विजय और के. राहुल टीम इंडिया के लिए जीत की नींव रख सकते हैं। अब ये कहा जाए कि फिर टीम ऐसी चुनी ही क्यों गई? टेस्ट टीम की ओपनिंग के लिए जरूरत है, बड़ी रिस्क लेने की। कब तक मुरली की बेसुरी हो रही तान से टीम की ऑर्वेâस्ट्रा सजाई जाएगी? राहुल २ और मुरली ११ रन बनाकर पहले दिन की सुबह पहली पारी में चलते बने और इसका परिणाम ये रहा कि धड़ाधड़ विकेट उखड़ते चले गए। विराट कोहली ने टॉस जीत कर पहली बल्लेबाजी इसलिए ली थी कि बड़ा स्कोर बनाने की सोच थी मगर हुआ उल्टा। उल्टा पासा मुरली, राहुल ने तो फेंका ही साथ ही रोहित शर्मा को क्या हो गया? जो वो भूल गए कि टेस्ट मैच है। छक्के चौके लगाकर वो टेस्ट को वन डे बना रहे थे कि आउट हो गए, यही होना भी था। इसे लापरवाही कहेंगे। विराट खुद ३ रन पर आउट हो गए तो वो दोष किस पर डालें? भला हो पुजारा और ऋषभ पंत का कि उन्होंने स्कोर में कुछ इज्जत डाली। इसमें भी एकमात्र पुजारा ही ऐसे रहे जिन्होंने कंगारुओं का डट कर मुकाबला किया। पुजारा के खेल से सबक लेना होगा, ओपनरों तथा रोहित शर्मा को अन्यथा हारने के लिए टीम तैयार रहे।