" /> खोखली घोषणा नहीं करेगी महाविकास आघाडी की सरकार : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

खोखली घोषणा नहीं करेगी महाविकास आघाडी की सरकार : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता से की बातचीत
मुस्लिम बंधुओं को दी ईद की शुभेच्छा

कुछ लोग पूछ रहे हैं कि पैकेज की घोषणा क्यों नहीं की गई। आज गरीबों के लिए भोजन और उपचार प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। हमने गरीबों को उपचार करने में मदद की। शिवभोजन योजना के तहत पांच रुपए में भोजन दिया जाता है। 7 से 8 लाख श्रमिकों को घर भेजा, क्या इसके लिए कहां पैकेज देना है? यह सवाल पूछते हुए, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि महाविकास आघाड़ी की सरकार कोई खोखली घोषणा नहीं करेगी। सरकार ने गरीबों और मजदूरों सहित पूरे राज्य में लाखों लोगों की मदद की है। इसका विज्ञापन करना है क्या? ऐसा कटाक्ष मुख्यमंत्री ने विरोधी दल का नाम लिए बगैर किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र से रोजाना 80 ट्रेनों की मांग की है। केंद्र सरकार 40 ट्रेन देती है। हम उत्तर भारतीय मजदूरों को घर भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं।  “हम उनके लिए रेल टिकट का भुगतान कर रहे हैं। उत्तर भारतीय मजदूरों से जो वादा किया था, उसको पूरा कर रहा हूं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल फेसबुक लाइव के माध्यम से राज्य की जनता से बातचीत की। बातचीत की शुरुआत में सभी लोगों को रमजान ईद की शुभेच्छा दी। मई में कोरोना रोगियों के बढ़ने का जो अंदाज केंद्रीय स्वास्थ्य दल ने व्यक्त किया था, उसकी अपेक्षा महाराष्ट्र में काफी कम रोगी हैं, ऐसा मुख्यमंत्री ने जनता से बातचीत के दौरान कहा।
75 करोड़ रुपए खर्च करके एसटी के माध्यम से लाखों लोगों को राज्य की सीमा तक छोड़ा गया
मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे ने अपने संवाद में कहा कि ट्रेन के अतिरिक्त करीब साढ़े तीन लाख उत्तर भारतीय मजदूरों को राज्य की सीमा तक छोड़ा गया, इसके लिए 75 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।  इसके लिए किस पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए?  उन्होंने ऐसा सवाल भी पूछा।  यह संकट का समय है इसलिए कोई राजनीति मत करो। अगर आप राजनीति करते भी हैं तो भी हम राजनीति नहीं करेंगे। केंद्र बहुत चीजों में सहयोग करता है, उसकी हम तारीफ करते है कि केंद्र ने सहयोग किया। राज्य का बकाया जीएसटी आदि केंद्र से कई चीजें समय पर पूरी नहीं हुईं तो क्या मुझे हो-हल्ला करना चाहिए? ऐसे शब्दों में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखे प्रहार किए।
अचानक नहीं हटाया जा सकता है लॉकडाउन
जिस प्रकार से लॉकडाउन को धीरे-धीरे लगाया गया। उसी तरह हम धीरे-धीरे अपने जीवन को सामान्य स्थिति में ला रहे हैं लेकिन ऐसा करते समय आपको सावधान रहना होगा। जिस तरह अचानक लॉकडाउन लागू करना गलत है, उसी तरह अचानक लॉकडाउन को हटाना भी गलत है। हमें अब कोरोना के साथ रहते हुए पूरी सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना ने हमें कई चीजें सिखाई हैं।

केंद्र टीम के अंदाज से बहुत कम निकला कोरोना, सावधानी का परिणाम
केंद्र की एक टीम ने अनुमान लगाया था कि मई के अंत तक राज्य में डेढ़ लाख कोरोना के पॉजिटिव रोगी मिल जाएंगे लेकिन आज राज्य में केवल 33,686 पॉजिटिव मामले हैं। वर्तमान में राज्य में 47,190 पॉजिटिव रोगी हैं, जिनमें से 13,404 ठीक होकर घर चले गए हैं। राज्य की जनता ने अनुशासन दिखाया है इसलिए केंद्र की टीम की भविष्यवाणी गलत साबित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के अनुशासन के कारण ही कोरोना रोगियों की संख्या को नियंत्रण में लाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में साढ़े तीन लाख कोरोना परीक्षण किए गए हैं।
गुणाकार घातक होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़ने की संभावना है। अब गुणाकार घातक होने जा रहा है, इससे मामले बढ़नेवाले हैं इसलिए आपको सावधान रहना होगा। हम कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार हैं। कोरोना के खिलाफ राज्य में आगामी लड़ाई विकट होनेवाली है। कोरोना रोगी गुणाकार बढ़ जाएंगे और यह घातक होगा। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ी है और भविष्य में भी यह बढ़ती रहेगी लेकिन इससे घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि इसे दूर करने के लिए हम बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण कर रहे हैं। मई के अंत तक 14,000 बिस्तर उपलब्ध होंगे, जिनमें ऑक्सीजन से लेकर सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री ने किया रक्तदान करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से रक्तदान करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि केवल दस दिनों के लिए पर्याप्त रक्त है इसलिए रक्तदान करें। हमने रोक दिया था क्योंकि पर्याप्त स्टॉक था। अब फिर से जरूरत पैदा हो गई है। उन्होंने रक्तदाताओं से आगे आने की अपील की है। ठाकरे ने कहा कि अब बारिश आ रही है, हमें अन्य महामारियों का भी ध्यान रखना होगा। शरीर में सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत  डॉक्टर से संपर्क करें। कई लोग जीवन के अंतिम समय में डॉक्टर के पास आते हैं, जिसके कारण इतनी मौतें हुई हैं। अधिक से अधिक लोग समय पर उपचार और प्राथमिक देखभाल के कारण ठीक होकर घर चले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक गर्भवती महिला को मुंबई में कोरोना पॉजिटिव था लेकिन जब उसका बच्चा हुआ, वह कोरोना से मुक्त था। यह ईश्वर का चमत्कार ही था। इसी प्रकार 91 साल के दादा कोरोना से ठीक होकर घर गए इसलिए लक्षण दिखाई देने के साथ ही डॉक्टर के पास जाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी।
राज्य के सभी नागरिकों का इलाज मुफ्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 100% नागरिकों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना का लाभ दिया गया है। राहत केंद्र में साढ़े पांच से छह लाख मजदूरों को दिन में दो बार नाश्ता सहित भोजन व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
धीरे-धीरे अर्थचक्र बहाल करने का प्रयास
राज्य में 70,000 उद्योगों को अनुमति दी गई है, जिनमें से 50,000 उद्योग शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छह लाख लोग काम पर लौट आए हैं। जिले के भीतर हरित क्षेत्र में एसटी बसें शुरू की गई हैं। मालढुलाई जारी है। राज्य में भारी पैमाने पर स्थानांतरण हो रहा है, इस स्थिति में राज्य के जिलों में फंसे नागरिकों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए क्योंकि आप मेरे हैं, मैं आपका हूं। ऐसी भावनात्मक भावना मुख्यमंत्री ने व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हवाई मार्ग से आनेवाले लोगों को अलग किया जा रहा है और उचित तैयारी और योजना के साथ ही सेवा शुरू की जानी चाहिए।
स्कूल और खेती का मौसम जून में शुरू हो रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की शिक्षा बंद नहीं होगी। जल्द से जल्द अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के संबंध में तय किया जाएगा। अभिभावकों को चिंता नहीं करनी चाहिए।
किसानों को रामभरोसे नहीं छोड़ा जाएगा
खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी की जा रही है, यह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनके खेतों पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है और यह एक नया प्रयोग है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि कृषि, कृषि कार्यों, कृषि चीजों के परिवहन, औजार के परिवहन पर कभी भी प्रतिबंध नहीं होगा और सरकार किसानों को रामभरोसे नहीं छोड़ेगी। फिल्म उद्योगों को शुरू करने सहित सभी मुद्दों को जनता के समक्ष रखा और कहा कि हम और हमारे मंत्रिमंडल के सदस्य अच्छी तरह से काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र की जनता का हमारे ऊपर जो विश्वास है, वह कायम रहेगा ही। ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया।