" /> गंगा सप्तमी पर कोरोना मुक्ति के  लिए  गंगा आरती 

गंगा सप्तमी पर कोरोना मुक्ति के  लिए  गंगा आरती 

गुरुवार को गंगा सप्तमी के पावन पर्व पर नमामि गंगे ने  सूर्योदय की प्रभात बेला में मणिकर्णिका घाट पर मां गंगा की आरती उतारी। इस दौरान मां गंगा से कोरोना मुक्त राष्ट्र की कामना की गई। साथ ही दुग्धाभिषेक कर कोरोना महामारी के जड़-मूल से विनाश की गुहार लगाई।
इस कार्यक्रम के संयोजक राजेश शुक्ला ने लॉकडाउन की वजह से केवल स्वयं उपस्थित होकर शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए गंगा की आरती उतारी । श्री शुक्ल ने कहा कि स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही गंगा स्वर्ग लोक से भगवान शिव शंकर की जटाओं में पहुंची थी इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी या गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है । गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि – सिद्धि एवं यश सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा स्नान करते समय स्वयं श्री नारायण द्वारा बताए गए मंत्र ” ऊं नमो गंगायै विश्वरूपणयै नारायणयै नमो नमः का स्मरण करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है । काशी में गंगा सप्तमी की गंगा उत्पत्ति के रुप मे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है,लेकिन इस वर्ष लॉकडाउन के कारण इसे प्रतीक स्वरूप ही मनाया गया है।