गरबे का वायरल बुखार! बदलता मौसम बिगाड़ न दे खेल

मौसम में बदलाव बीमारियों को लेकर आता है। इस बार डांडिया मौसमी बीमारियों की लकड़ी लेकर आया है। ऐसे में डॉक्टरों ने डांडिया प्रेमियों को खेल के दौरान संसर्गजन्य बीमारियों से बचने की सलाह दी है। जिससे बदलता मौसम कहीं खेल न बिगाड़ दे।
शहर में बढ़ रहा प्रदूषण और भीड़ ढेर सारी दिक्कतें भी लेकर आया है। ऐसे में मौसम में जरा से परिवर्तन से वायरल बीमारियों की बाढ़ सी शहर में आ जाती है। इस दरम्यान इस बार गरबा-डांडिया का त्योहार आया है। ठाणे में कुछ दिनों पहले स्वाइन फ्लू का एक मरीज पाया गया था, जिसके कारण प्रशासन और सामान्यजनों के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता खड़ी हो गई। अब उसी में सर्दी-खांसी, बुखार और वायरल बीमारियों ने गरबा-डांडिया पर वायरल का टेंशन दे दिया है। इन सभी बीमारियों के चलते निजी व सरकारी अस्पतालों में नागरिकों की कतार देखने को मिल रही है। नवरात्र के दौरान ठाणे शहर में टेंभीनाका, पाचपाखड़ी और घोड़बंदर परिसर में सबसे ज्यादा गरबा का आयोजन किया जाता है। गरबा के दौरान नागरिक वायरल बीमारियों के शिकार न हों इसलिए आयोजकों द्वारा उपाय योजना की जा रही है।
ठाणे सिविल अस्पताल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी वैâलाश पवार ने बताया  कि वातावरण में हो रहे बदलाव के चलते वायरल बीमारियां बढ़ रही हैं। बीमारी न बढ़े इसलिए नागरिकों को भीड़ में जाने से बचना चाहिए तथा खांसते और छींकते वक्त मुंह पर रूमाल रखना चाहिए।
उपाय
खांसते व छींकते वक्त मुंह और नाक पर रूमाल रखें।
कुछ घंटों के अंतराल पर हाथ धोते रहें
रास्तों पर न थूकें।
रास्तों पर लगे स्टॉल पर फास्ट फूड न खाएं।
बीमार व्यक्ति जब तक ठीक नहीं होता तब तक वह घर में आराम करे।