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गलती का अहसास

भारतीय वायु सेना के पहले फीमेल बैच को ट्रेंड करने वाले रिटायर्ड विंग कमांडर आईके खन्ना ने एक कॉलम लिखा है जिसमें उन्होंने फिल्म ‘गुंजन सक्सेना’ में दिखाए गए तथ्यों और जानकारियों पर सवाल उठाए हैं। जाह्नवी कपूर अभिनीत इस फिल्म पर खन्ना ने अपने कॉलम में लिखा, ‘बेंगलुरु के येलाहंका एयरफोर्स स्टेशन पर जब ७ महिला पायलट्स का पहला बैच आया तब जुलाई १९९४ के समय मैं वहां मौजूद इंस्ट्रक्टर्स में से एक था, जिन्होंने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग शुरू कराई थी। मुझे हैरानी होती है कि फिल्म का स्क्रीनप्ले भारतीय वायुसेना के साथ क्यों नहीं शेयर किया गया।’ उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को बैच में एक समान तरीके से ट्रीट किया गया था और किसी को भी चेंज करने के लिए अपने कमरों तक नहीं दौड़ना पड़ा था, जैसा कि गुंजन सक्सेना में दिखाया गया है। हरिता कौर देओल की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग फ्लाइट पर वह एक जर्नलिस्ट के साथ जाने वाली थीं, जिसमें उन्हें वो चीजें करनी थी जो फिल्म में गुंजन सक्सेना को करते हुए दिखाया गया है।