" /> गौरा का गौना लेने गणों संग बाबा पहुंचे ससुराल

गौरा का गौना लेने गणों संग बाबा पहुंचे ससुराल

बाबा के दरबार में रंगभरी एकादशी के अवसर पर पालकी यात्रा से पहले मंहत आवास गुलजार हो गया। एकादशी के दिन गौरा की विदाई करा के उन्हें कैलाश ले जाने के लिए महादेव बुधवार को ससुराल पहुंचे।
महंत आवास गौरा के गायके में परिवर्तित हो चुका है। गौना की बारात लेकर पहुंचे बारातियों का फल, मेवा और ठंडई से पारंपरिक स्वागत किया गया। गौरा का गौना कराने बाबा विश्वनाथ के आगमन की रस्म निभायी गई। बाबा विश्वनाथ व माता पार्वती की गोदी में प्रथम पूज्य गणेश की रजत प्रतिमाओं को एक साथ सिघांसन पर विराजमान कराया गया। पूजन-आरती कर भोग लगाया गया। इसके बाद महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना से पारंपरिक मंगल गीत गाए।
इसके पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी के आवास पर मंगलवार की रात शुभबेला में गौरा की तेल और हल्दी की रस्म निभाई गयी। इस दौरान महिलाओं के मंगलगीतों से पूरा महंत आवास भक्ति और उल्लास से भर गया।
रंगभरी एकादशी के दिन पांच मार्च को मध्याह्न भोग आरती के बाद टेढ़ीनीम स्थित नवीन मंहत आवास पर सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘शिवांजली’ का आयोजन होगा। शिवांजलि में काशी,दिल्ली,सुल्तानपुर, जौनपुर, मथुरा और अवध के कलाकारों द्वारा होली गीत व नृत्य नाटिका मंचित होगी। इसी दौरान भभूत की होली भी होगी।