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घर पर मनाएंगे ईद! लॉकडाउन का करेंगे पालन

सोमवार को पूरे देश में ईद मनाई जाएगी, इस बात का एलान किया जा चुका है लेकिन इस बार की ईद हर साल से अलग होगी। कोरोना संक्रमण के मामले पूरे देश में तेजी से पैर पसार रहे है। कोरोना की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में देखने को मिले है। यही वजह है कि यहां की ईद बिल्कुल अलग होगी। कुछ लोगों ने कहा कि वे घरों में रहकर ईद मनाएंगे तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करेंगे। मुस्लिम समुदाय इस वर्ष की ईद किस तरह मनाएंगे, यह जानने के लिए दोपहर का सामना संवाददाता ने कुछ मुस्लिम युवाओं से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रियाएं जानने की कोशिश की।
मालाड के मालवणी इलाके में रहनेवाले विद्यार्थी मुहम्मद हदीस सिद्दीकी ने बताया कि देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है, तो जाहिर-सी बात है कि वे सभी लोग लॉकडाउन का पालन करेंगे। वे सभी लोग ईद का पवित्र त्यौहार घर में मनाएंगे। इसके अलावा वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कोई अन्य रिश्तेदार उनके घर न आए, क्योंकि इस समय कोरोना से बचना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब नमाज घर में पढ़ी जाएगी और मस्जिद सूनी रहेगी। गोरेगांव-पूर्व में रहनेवाले फिरोज पटेल ने बताया कि ईद तो हर साल आती रहेगी लेकिन जान है तो जहांन है। फिरोज एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनका कहना है कि वे अपने परिवार के साथ घर में रहकर ईद मनाएंगे तथा नमाज भी घर में अदा करेंगे और अपने पड़ोसियों से भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखेंगे। कॉल सेंटर में काम करनेवाले शादाब अहमद ने बताया कि इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब मस्जिद में ईद की नमाज नहीं पढ़ी जाएगी लेकिन कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए यह जरूरी है कि किसी भी रिश्तेदार के घर नहीं जाएंगे और न ही किसी को आने देंगे। इस संक्रमण से बचने का यही एक तरीका है। बता दें कि ईद के त्यौहार को देखते हुए मुंबई के संवेनदशील इलाकों में सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन एवं पुलिस की तरफ से अनुरोध किया गया है कि लोग त्यौहार का आनंद लें लेकिन इसके साथ वे लॉकडाउन का पालन भी करें।