" /> घर वापसी’ पर मजदूरों का वेलकम!

घर वापसी’ पर मजदूरों का वेलकम!

तेलंगाना के लिंगमपल्ली से 12 सौ से अधिक मजदूरों को लेकर अपने मंजिल पर पहुंच गई। स्पेशल ट्रेन के हटिया पहुंचने से कुछ देर पहले खुद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्टेशन पहुंचकर सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। ट्रेन के पहुंचने पर सभी यात्रियों को एक-एक कर उतारा गया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सभी यात्रियों की स्टेशन पर ही स्क्रीनिंग भी की गई। हटिया रेलवे स्टेशन के बाहर करीब 60 बसें भी तैयार थी। ट्रेन रुकने के 10 मिनट बाद एक-एक करके मजदूरों को स्टेशन से बाहर भेजा गया। इससे पहले प्लेटफार्म पर ही मजदूरों को खाने के पैकेट और पानी की बोतल भी दी गईl तेलंगाना के लिंगमपल्ली से झारखंड के मजदूरों को लेकर चली विशेष ट्रेन जब हटिया स्टेशन पहुंची तो खास इंतजाम किए गए थे। करीब 12 सौ मास्क लगाए मजदूरों को एक-एक कर स्टेशन से बाहर लाया गया। सभी को जिले के हिसाब से बसों में बिठाया गया। जिला स्तर पर तय किए गए नोडल पदाधिकारी मजदूरों के नाम और पता नोट कर रहे थे। आंखों में झलक रही थी खुशी

घर वापसी के बाद जब मजदूर प्लेटफार्म से बाहर निकल रहे थे तब मास्क से चेहरे तो ढंके हुए थे, लेकिन आंखों की चमक बता रही थी कि वे कितने खुश थे। कुछ मजदूरों ने कहा कि उन्हें हटिया पहुंचने तक किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई।

‘हैदराबाद में नहीं थी खास दिक्कत, बस मन घबरा रहा थाl मजदूरों ने यह भी बताया कि हैदराबाद में कोई खास दिक्कत नहीं थी लेकिन जिस तरीके से लॉकडाउन के दिन बढ़ रहे थे उसकी वजह से मन घबरा रहा था। मजदूरों के स्वागत के लिए हटिया रेलवे स्टेशन के ठीक सामने एक बड़ा होडिंग लगाया गया था जिस पर जोहार लिखा हुआ था। इसके अलावा सभी बसों के सामने बैनर लगाया गया था जिस पर लिखा था, सम्मान रथ। झारखंड सरकार की ओर से ‘सम्मान रथ’ बस के जरिए सभी मजदूरों को उनके जिलों में भेजा जा रहा है। जहां स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें होम क्वारंटीन किया जाएगा। अब राजस्थान के कोटा से रवाना हुई ट्रेन भी हटिया पहुंचेगी जिसमें सिर्फ छात्र होंगे। छात्रों के स्टेशन पहुंचने के बाद उन सभी को बसों से उनके गृह जिला भेजा जाएगा।