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घाव: आस्तीन के सांप!, देशद्रोही कर रहे थे अर्थव्यवस्था से घात

पाकिस्तान और उसकी जासूसी संस्था आईएसआई, हिंदुस्थान को अस्थिर करने का प्रयास हमेशा ही करती है। हिंदुस्थान में आतंकी हमले करवाना, धार्मिक उन्माद को बढ़ावा देना, उनकी नीति का हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान, हिंदुस्थान में नकली नोट और ड्रग्स की आपूर्ति करके हमारे देश की अर्थव्यवस्था और युवा पीढ़ी को बीमार बनाने का प्रयास भी करता रहा है। ऐसे मामले कई बार प्रकाश में आ चुके हैं। ये तो बात हुई पाकिस्तान की लेकिन हिंदुस्थान में भी कई देश द्रोही हैं, जो जल्द अमीर बनाने की चाह में इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। नकली नोट छापनेवाले ऐसे ही एक आस्तीन के सांप को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-९ ने गिरफ्तार किया है।
मुंबई में नकली नोट की तस्करी करनेवाले दो लोगों को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-९ ने गिरफ्तार किया है। डॉन वर्गीस और विष्णु विजयन नामक ये आरोपी केरल से नकली नोट का कारोबार संचालित करनेवाले गिरोह के सदस्य हैं। डॉन वर्गीस केरल के इडुक्की जिला स्थित वाताकुडी निवासी है, वहीं उसका साथी विष्णु विजयन केरल के तिरुवनंतपुरम जिला स्थित उल्याझाथुरा इलाके का निवासी है। उनका गिरोह नई मुंबई के वाशी इलाके में नकली नोट छापकर मुंबई व आसपास के इलाकों में वितरित करता था।
ऐसे खुला देशद्रोहियों का राज
यूनिट- ९ के सिपाही अमित महांगडे को नकली नोट छापने और उसे मुंबई व आसपास के इलाकों में वितरित करनेवाले गिरोह से जुड़े लोगों के आने की सूचना मिली थी। डीसीपी अकबर पठान व यूनिट-९ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मार्गदर्शन तथा पीआई संजीव गावड़े के नेतृत्व में पीआई आशा कोरके, एपीआई शरद धराडे, वाल्मीकि कोरे, सिपाही मोहिते, काकड़े, शेख, कोली, नाईक, पेडणेकर, लोखंडे आदि की टीम ने ५ मार्च को अंधेरी-पश्चिम स्थित वीरा देसाई रोड इलाके में जाल बिछाया। टीम ने वहां एक हुंडई क्रेटा कंपनी की सफेद रंग की कार को संदेह के आधार पर रोका। कार में बैठे दो संदिग्धों का हुलिया खबरी के बताए हुलिए से मिलता-जुलता था। कार और संदिग्धों की जांच में टीम को ५०० रुपए के ५९० नोट (२,९५,००० रुपए) बरामद हुए। यूनिट-९ की टीम ने नोटों की बारीकी से जांच की तो नोटों के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए कागज की गुणवत्ता एवं रंग असली नोटों से भिन्न पाए गए। सख्ती से पूछने पर डॉन वर्गीस और विष्णु विजयन नामक संदिग्धों ने नोट नकली होने की बात कबूल कर ली। यूनिट-९ की टीम ने डॉन वर्गीस और विष्णु विजयन से मिली जानकारी के आधार पर छापामारी करके नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप, प्रिंटर, टैब, जीएसएम पेपर एवं नोटों की छपाई में लगनेवाली दूसरी सामग्री बरामद की। डॉन वर्गीस और विष्णु विजयन की निशानदेही पर इस गिरोह के मुखिया को यूनिट-९ की टीम ने केरल के इडुक्की इलाके में गिरफ्तार किया है।
पहले भी पकड़ा गया था गद्दार
यूनिट-९ की टीम ने डॉन वर्गीस और विष्णु विजयन के गिरोह के जिस सरगना को केरल के इडुक्की से गिरफ्तार किया है। यह मुखिया नकली नोट छापने के आरोप में केरल पुलिस द्वारा २ साल पहले गिरफ्तार की गई अभिनेत्री सूर्या शशिकुमार के ८ साथियों में शामिल था। केरल की छोटे पर्दे की मशहूर अभिनेत्री सूर्या शशिकुमार के गिरोह का सदस्य है। अपनी एक्टिंग से दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुकी मलयालम अभिनेत्री सूर्या शशिकुमार को नकली नोट छापने के आरोप में पुलिस ने ६ जुलाई, २०१८ को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सूर्या शशिकुमार की मां और बहन के साथ कोची से गिरफ्तार किया गया था। सूर्या शशिकुमार केरल के इडुक्की जिले के कट्टपना स्थित अपने घर की दूसरी मंजिल पर नकली नोट छापने का काम करती थीं। सूर्या शशिकुमार के घर से पुलिस को लाखों रुपए के नकली नोट और नोट छापने की हर तरह की सामग्री भी मिली थी। सूर्या शशिकुमार पर अतीत में हुए बड़े नुकसान के कारण भारी कर्ज चढ़ गया था। उस कर्ज को चुकाने के लिए वह अपने घर पर नकली नोट छापने का काम कर रही थी। सूर्या शशिकुमार के घर से २ लाख रुपए के नकली नोट, कागज, प्रिंटर्स और नकली नोट बनाने में प्रयुक्त होनेवाली अन्य सामग्री पुलिस को मिली थी। उस समय अभिनेत्री के घर से मिली सामग्री से ५० लाख रुपए के नकली नोट छापे जा सकते थे, जबकि वह पहले ही ८ महीनों में करीब ५७ लाख रुपए के नकली नोट छापकर बाजार में वितरित कर चुकी थीं। नकली नोटों की छपाई के लिए सूर्या शशिकुमार ने ४.३६ लाख रुपए खर्च कर कई उपकरण लगाए थे। नकली नॉट के वितरण से होने वाले लाभ में आधा सूर्या शशिकुमार को मिलता था।