घाव: रील और रीयल लाइफ!, कमाई का शॉर्टकट बताती ‘स्पेशल- २६’

कहते हैं फिल्में समाज का आईना होती हैं। समाज में घटनेवाली घटनाओं का प्रतिबिंब फिल्मों में दिखाया जाता है और लोगों को फिल्मों से सबक लेकर गलत कार्यों से बचना चाहिए लेकिन प्रतिस्पर्धा, महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में पैसा कमाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग कुछ विशेष फिल्मों एवं टीवी पर प्रसारित होनेवाले अपराध पर आधारित एपिसोडों को देखकर पैसा कमाने का रास्ता ढूंढ़ने लगे हैं। इस चक्कर में कई बार लोग संगीन अपराध भी कर बैठते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एक बेरोजगार युवक अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल २६’ से प्रेरणा लेकर एक बड़े सरकारी अधिकारी को ठगने की कोशिश कर रहा था।
उच्च पद पर आसीन सरकारी अधिकारी को इन्कम टैक्स की धौंस दिखाकर ब्लैकमेल करनेवाले फर्जी पुलिस अधिकारी को कल्याण की खडकपाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सिद्धेश पनवेलकर नामक उक्त शख्स उच्च शिक्षित होने के बावजूद बेरोजगार था। गुजारा करने के लिए वह हेराफेरी करने लगा था। इसकी प्रेरणा उसे फिल्म ‘स्पेशल- २६’ से मिली थी। लेकिन एक बड़े अधिकारी से ठगी करने का उसका दांव उल्टा पड़ गया।
कल्याण-पश्चिम स्थित गांधारी परिसर में रहनेवाले सुरेश चव्हाण, म्हाडा अधिकारी हैं। पिछले १५ दिनों से उन्हें कोई फोन पर धमका रहा था। फोन करनेवाला खुद को ठाणे के राबोडी पुलिस थाने का अधिकारी बताता था। उसका कहना था कि सुरेश के खिलाफ इनकम टैक्स से संबंधित कुछ जांच चल रही है और उक्त जांच उसी के हाथ में है। जांच और कार्रवाई में रियायत देने के नाम पर वह सुरेश से ५ लाख रुपए मांग रहा था। प्रारंभ में सुरेश इसे किसी परिचित व्यक्ति द्वारा किया गया मजाक समझ रहे थे। क्योंकि वे जानते थे कि उनके खिलाफ किसी भी विभाग में किसी भी तरह की जांच लंबित नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी होने के कारण वे ये भी जानते थे कि इनकम टैक्स विभाग से संबंधित मामलों की जांच आयकर अधिकारी ही करते हैं न कि कोई लोकल स्तर का पुलिसकर्मी। इस लिए सुरेश, ब्लैकमेलर के कॉल की अनदेखी करते रहे लेकिन धमकीभरी कॉल लगातार जारी रही तो सुरेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
सुरेश की शिकायत पर खडकपाडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सुरेश के फोन में आए धमकी भरे कॉल की जांच के बाद पुलिस ने कालर के नंबर की जांच की और सिद्धेश को हिरासत में लिया, जो कि उसी इमारत में रहता था जहां सुरेश रहते हैं। पुलिसिया पूछताछ में सिद्धेश ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह फिल्म स्पेशल-२६ की तर्ज पर बड़े व्यवसायियों, अधिकारियों एवं बिल्डरों इनकम टैक्स की रेड के नाम पर ब्लैकमेल करके पैसे वसूली करता था। पुलिस अब इससे पहले सिद्धेश का शिकार बनें लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पहले भी धराए कई ठग
स्पेशल २६ की तर्ज पर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले वर्ष २०१८ के जुलाई महीने में सांताक्रुज-पश्चिम स्थित वाल्मिकी रोड पर रहनेवाली शिक्षिका के घर में फर्जी आयकर अधिकारियों ने छापेमारी की थी। तब सांताक्रुज पुलिस ने पुणे के चिंचवड निवासी कबाड़ी पैâयाज कादर काजी को उसके ४ साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। इसी तरह व्यवसाय में नुकसान के बाद अल्ताफ मोहम्मद कागदी उर्फ समीर टोपी नामक होटल व्यवसायी ने १७ लोगों का एक गिरोह बनाया था। उक्त गिरोह ने दहिसर-पूर्व निवासी किशन बेलवटे के घर आयकर अधिकारी बनकर छापेमारी की थी तथा ८० लाख रुपए ठग लिए थे लेकिन इमारत में लगे नाइटविजन वैâमरे की मदद से दहिसर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।