" /> घुटने पर फेडरर

घुटने पर फेडरर

घुटने पर फेडरर का मतलब ये कि घुटनों के कारण फेडरर टेनिस कोर्ट से दूर हैं और आगामी प्रतियोगिताओं को बस दूर से एक उम्मीदभरी नजरों से देख रहे हैं कि घुटने ठीक हों और वो खेलने उतरें। जी हां, घुटने के दो ऑपरेशन से उबर रहे रोजर फेडरर की नजरें अब २०२१ टेनिस सत्र और टोक्यो ओलिंपिक पर लगी हैं। २० बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन फेडरर ने एकल में कभी ओलिंपिक स्वर्ण नहीं जीता है। उन्होंने कहा, `मैं अगले साल यह तमन्ना पूरी करना चाहता हूं।’ ओलिंपिक फाइनल एक अगस्त २०२१ को होगा। फेडरर इसके एक सप्ताह बाद ४० वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक २००८ में अपने स्विस साथी स्टान वावरिंका के साथ युगल स्वर्ण जीता था। फेडरर ने फरवरी में अपने दाएं घुटने का ऑपरेशन करवाया था, लेकिन यह पूरी तरह से सफल नहीं रहा और उन्हें कुछ महीनों बाद ही दोबारा ऑपरेशन करवाना पड़ा था। फेडरर को पहले ऑपरेशन के कारण चार महीने तक बाहर रहना था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण टूर्नामेंट रद्द या स्थगित कर दिए गए, जिनमें विंबलडन और प्रâेंच ओपन भी शामिल हैं। अगर यूएस ओपन और सितंबर में प्रâेंच ओपन का आयोजन होता है तो फेडरर उनमें नहीं खेल पाएंगे। २०२० के सत्र से बाहर होने पर उन्होंने कहा था, `मैं २०२१ के सत्र के शुरू में सभी को वापस टूर में देखने के लिए उत्सुक हूं।’