" /> चंदौली नाव हादसा: लापता चारों महिलाओं के शव मिले

चंदौली नाव हादसा: लापता चारों महिलाओं के शव मिले

वाराणसी के सटे चंदौली जिले में शनिवार को हुए नाव पलटने से डूबने वाली चार महिलाओं के शव सोमवार को बरामद हुए हैं। इससे पहले रविवार को भी एक बालिका का शव निकाला गया था। नाव में सवार इन चारों महिलाओं के परिजन दिनभर उनकी खोज-खबर का इंतजार करते रहे। जिन चार महिलाओं के शव मिले उनमें से तीन एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थीं। ये देख लोगों की आंखें भर आईं। यह नाव शनिवार शाम गंगा नदी में डूबी थी।

बता दे कि शनिवार को चंदौली जिले के गंगा किनारे के गांव महुंजी वीरासराय मुरलीपुर के मजदूर गाजीपुर जिले के कटारिया धर्मापुर मलपुरवा गजाधरपुर आदि गांव में आलू की खेती काम करने गए थे। रोजाना की भांति सभी मजदूर देर शाम एक छोटी नाव में भरकर लौट रहे थे। चंदौली जिले में आने वाले गंगा तट से 20 मीटर पहले नाव में छेद हो गया। 20 व्यक्ति के क्षमता वाली नाव दोगुना वजन का भार न सह पाने के चलते कुछ ही देर में दो भागों में बट गई।

नदी में डूब रहे अधिकतर लोग तैर कर बाहर निकले बाकी को स्थानीय लोगों ने बचाकर निकाल लिया। लेकिन पांच महिलाएं जिनमें वीर बहादुर की पत्नी उर्मिला, वीरेंद्र की पुत्री ज्योति, दूधनाथ की पत्नी फुलवासी, सचिवों की पुत्री कविता और लाल साहब की बेटी ज्योति गंगा के बहाव में बह गई थीं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ स्थानीय गोताखोरों की टीम ने रविवार को काफी मशक्कत के बाद लाल साहब की बेटी ज्योति के शव को निकाल लिया था।

रविवार की शाम एनडीआरएफ की टीम वापस लौट गई थी, सोमवार की सुबह स्थानीय गोताखोरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाकी चारों शवों को बरामद किया। जिनमें मुरलीपुर निवासी फुलवासी देवी (56), ज्योति (12), एवं महूजी निवासी उर्मिला (30) शामिल है, मुरलीपुर निवासी कविता का शव भी बरामद कर लिया गया।