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चल रही हैं 10 फीसदी सेवाएं : कर रहे हैं 1 फीसदी सफर

मुंबई के उपनगरीय मार्ग पर अत्यावश्यक सेवाओं के लिए रेलवे ने लोकल ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया है। अनुमान लगाया जा रहा था कि लोकल ट्रेन का परिचालन शुरू होने पर शुरुआत में सवा लाख लोग सफर करेंगे, लेकिन आम दिनों में चलाई जानेवाली कुल लोकल सेवाओं की 10 फीसदी सेवाएं इन दिनों संचालित की जा रही है। परंतु इन लोकल सेवाओं में सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या आम दिनों में रोजाना सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या का केवल एक प्रतिशत है और 1 फीसदी यात्री ही इन दिनों लोकल में सफर कर रहे हैं। दूसरे दिन भी ये आंकड़ा एक लाख तक नहीं पहुंच पाया है।

76 हजार यात्री कर रहे सफर
अत्यावश्यक सेवाओं के लिए शुरू की गई 362 लोकल सेवाओं में पहले दिन करीब 65 हजार यात्रियों ने सफर किया। इनमें पश्चिम रेलवे में सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या करीब 30 हजार है, जबकि मध्य रेलवे में यह संख्या करीब 36 हजार बताई जा रही है। वहीं दूसरे दिन पश्चिम रेलवे में सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या बढ़कर 35 हजार और मध्य रेलवे में 40 हजार के करीब पहुंच गई। दो दिनों में भी यात्रा करनेवाले यात्रियों की संख्या 1 लाख के आंकड़े को नहीं छू पाई है। दूसरे दिन लोकल से करीब 76 हजार यात्रियों ने सफर किया, जो कि आम दिनों में सफर करनेवाले यात्रियों की कुल संख्या का 1 फीसदी है। गौरतलब है कि आम दिनों में पश्चिम रेलवे में 1,367 सेवाएं और मध्य रेलवे में 1,774 सेवाएं संचालित होती हैं।

हौले-हौले बढ़ रहे हैं यात्री
मुंबई के उपनगरीय रेल मार्ग पर 15 जून से लोकल ट्रेनों का परिचालन अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए शुरू हो गई है। लोकल ट्रेन परिचालन के पहले दिन मुंबई के उपनगरीय रेल मार्ग पर अनुमान के मुताबिक कम भीड़ देखी गई लेकिन धीरे-धीरे लोकल ट्रेन में सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या में इजाफा होने लगा है।

लाखों की कमाई
लोकल ट्रेन परिचालन के पहले दिन उपनगरीय रेल मार्ग पर पहले दिन पश्चिम रेलवे को 11 लाख 75 हजार 178 रुपए की कमाई हुई। पहले दिन रेलवे ने कुल 114 टिकट खिड़की खोली थी, जबकि यात्रियों को सेवा देने के लिए रेलवे का 175 स्टाफ कार्यरत था। टिकट खिड़की पर पहले दिन 6,889 सिंगल जर्नी टिकट बिका, जबकि 3,236 लोगों ने सीजन टिकट निकाला। इसके अलावा 932 लोगों ने अपने सीजन पास की अवधि को बढ़वाया। इसी तरह दूसरे दिन 16 जून शाम 4 बजे तक पश्चिम रेलवे को 8 लाख 62 हजार, 931 रुपए की कमाई हुई। दूसरे दिन 89 टिकट खिड़की खोली गई, जबकि 138 रेलवे स्टाफ कार्यरत था। इस दौरान शाम 4 बजे तक 4,483 यात्रियों ने सिंगल जर्नी टिकट, 2,534 लोगों ने सीजन टिकट,1,839 लोगों ने अपने पास की अवधि बढ़ाई थी। कुल मिलाकर दो दिन में पश्चिम रेलवे को 20 लाख 38 हजार 109 रुपए की कमाई हुई है। जबकि पहले दिन मध्य रेलवे को 14 लाख 55 हजार 860 रुपए की कमाई हुई थी। खबर लिखे जाने तक दूसरे दिन का आंकड़ा नहीं जारी किया गया था।