" /> चार दिनों में एसटी ने लगाए ४,२४९ चक्कर : एक लाख 21 हजार लोगों ने की यात्रा

चार दिनों में एसटी ने लगाए ४,२४९ चक्कर : एक लाख 21 हजार लोगों ने की यात्रा

8 जून से 11 जून के बीच एसटी महामंडल की बसों ने ४,२४९ फेरे लगाकर मुंबई और आसपास के इलाकों के 1 लाख 21 हजार लोगों को ऑफिसों से घर और घर से ऑफिस पहुंचाया।
गौरतलब है कि लोकल ट्रेन बंद होने के कारण मुंबई और आसपास के लोगों को ऑफिसों तक पहुंचाने के लिए एसटी की 250 बसें चलाईं जा रहीं हैं। इन बसों ने चार दिनों में एक लाख 21 हजार लोगों को घरों तक पहुंचाया। इसके तहत 8 जून को 995 फेरे लगाए। इनमें 29 हजार यात्रियों (आवश्यक सेवाओं के लिए काम करनेवाले कर्मचारियों) को ले जाया गया था। 9 जून को 1,069 फेरे लगाकर 31,000 यात्रियों को पहुंचाया गया। 10 जून को 1,072 फेरे लगाकर 30 हजार यात्रियों को ले जाया गया था। 11 जून को 1,113 फेरे लगाकर 31 हजार यात्रियों को पहुंचाया गया।

330 एसटी बसों को बनाया जाएगा मालवाहक
राज्य सरकार ने एसटी के सभी मंडलों की 330 बसों को मालवाहक बसों में परिवर्तित करने की मंजूरी दी है। इसके तहत हर मंडल की दस बसों को मालवाहक बनाया जाएगा। इस आदेश के तहत अब तक 72 बसों को माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है। वर्तमान में एसटी कॉर्पोरेशन के बेड़े में 372 बसें माल ढुलाई के लिए उपलब्ध हैं।

हापुस आम की ढुलाई
21 लाख की हुई कमाई
18 मई, 2020 को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद रत्नाागिरी से बोरीवली के लिए आम के डिब्बे भेजकर मालवाहक बस का शुभारंभ किया गया। इसके बाद से ही खाद्यान्न, बीज, उर्वरक, सब्जियां, कृषि उत्पाद, लोहे के पाइप, पेंट के डिब्बे इत्यादि को राज्य के विभिन्न हिस्सों से माल ढुलाई के माध्यम से ले जाया जा रहा है। लालपरी के रूप में जानी जाने वाली एसटी बसों को मालवाहक के रूप में बेहद पसंद किया जा रहा है। इसके तहत एसटी ने 21 मई से 543 राउंड लगाकर राज्य भर में तीन हजार टन माल का परिवहन किया है। इसके लिए, इन वाहनों ने 90 हजार किमी की यात्रा की। इससे निगम को 21 लाख रुपए की आय हुई।
पुराने एसटी बसों को बनाया मालवाहक
एसटी निगम की 6.5 लाख किमी और 10 वर्ष पूरा कर चुकी बसों की आंतरिक संरचना को बदलकर मालवाहक के रूप में तैयार किया जाता है। राज्य में एसटी के 250 डिपो हैं। ये डिपो लगभग हर तहसील में काम कर रहे हैं। इसके अलावा 31 मंडल कार्यालय, 33 मंडल कार्यशालाएं, निगम का एक बड़ा विस्तार भविष्य के एसटी मालवाहक को मदद करेगा।