चार साल बाद मुर्दा बोलेगा रिश्तों के राज खोलेगा

मनपा के केईएम अस्पताल में एक ऐसे मुर्दे की लाश को लाया गया, जो चार साल से दफन था। लोनी पुलिस को संदेह है कि जिस गुमशुदा व्यक्ति की तलाश वे पिछले कई सालों से कर रहे हैं कहीं ये व्यक्ति वो तो नहीं? पुष्टि करने के लिए दफनाए गए शव के अवशेष को निकाला गया है। अब मामले की जांच में केईएम अस्पताल के फॉरेंसिक डॉक्टर जुट गए हैं यानी चार साल बाद मुर्दा का डीएनए बोलेगा और रिश्तों के राज खोलेगा।
लोनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष २०१५ में लोनी पुलिस को नहर से लगभग ५० वर्षीय व्यक्ति की लाश मिली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में संभावना जताई गई कि गला दबाने के कारण उसकी मौत हुई है। शव का दावेदार न आने पर पुलिस ने नियम अनुसार उसे दफन कर दिया। पुलिस शव के डेंचर (दांतों की पंक्ति) को डीएनए के लिए भेजा लेकिन रिपोर्ट में कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया। लोनी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर प्रवीण पाटील ने `दोपहर का सामना’ को बताया कि हमें संदेह है कि ४ साल पहले हमारे यहां एक पुरुष की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिवार के अनुसार मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति घर से गायब ही रहता था। मेरे चार्ज लेने के बाद मामले का अध्ययन करने के बाद ऐसा हो सकता है कि जिस व्यक्ति को हम खोज रहे, वो यही हो। केईएम के डॉक्टर इन मामलों में काफी एक्सपर्ट हैं इसलिए हमने एक बार फिर अवशेष की जांच के लिए अस्पताल में भेजा है। हम परिवार का रक्त सैंपल लेंगे ताकि डीएनए जांच हो सके। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि अवशेष की जांच की जाएगी और डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा।