चालबाजों ने किया ‘चेहरा पट्टी’ कॉल, बेटी ने किया डिस्कनेक्ट

जिस्म के सौदागरों ने एक बच्ची को बेटी बनाकर पालने का झांसा देकर उसे जिस्म बेचने को मजबूर करते रहे। आज वह मजलूम जल्लादों से अपनी बेटियों को बचाने के प्रयास में कानूनी लड़ाई लड़ रही है तो कोर्ट रूम में आरोपियों के दलाल वीडियो कॉल के जरिए पीड़िता की चेहरापट्टी कराने का प्रयास कर रहे थे ताकि पीड़िता को केस वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके। बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित उक्त पीड़िता ने उच्च न्यायालय में हुई इस अप्रत्याशित घटना की शिकायत आजाद मैदान पुलिस थाने में दर्ज कराई है।
मीरा रोड के कनकिया पुलिस थाने की हद में ३३ वर्षीय शबनम (काल्पनिक नाम) से उसके मुंहबोले मां-बाप पिछले कई वर्षों से जिस्म-फरोशी करा रहे थे। पीड़िता ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि २२ साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी, तब वह महज ११ साल की थी। उस समय मुबीना खान उनके घर आई, उसने रिश्ते में खुद को शबनम की बुआ बताया और अच्छी परवरिश का झांसा देकर उसे मुंबई ले आई। कुछ दिन दक्षिण मुंबई के फारस रोड स्थित रेड लाइट इलाके में रखने के बाद मुबीना ने शबनम को एक अरबी शेख के हाथों कुछ समय के लिए बेच दिया। शेख के पास से आने के बाद मुबीना और आबिद, शबनम से जिस्म-फरोशी कराने लगे। इसी दौरान शबनम को एक युवक से इश्क हो गया, वह उससे शादी करना चाहती थी लेकिन मुबीना और आबिद के कारण वह सफल नहीं हो पाई। साल भर पहले आबिद, शबनम की १५ वर्षीय बेटी को बेचने की तैयारी कर रहा था। इसकी भनक लगते ही शबनम शिकायत करने पुलिस थाने पहुंची लेकिन पुलिस शबनम की न तो कोई मदद की और न ही शिकायत दर्ज कीr। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद मामले को गंभीरता से लिया और स्थानीय पुलिस पुलिस ने १६ फरवरी, २०१८ को छापा मारकर पीड़िता को मुक्त कराया तथा उसके मुंहबोले पिता आबिद हसन खान को गिरफ्तार किया था। इस मामले में २ अन्य आरोपी मुबीना हसन खान और बीना खान लगभग २ महीने फरार रहने के बाद कोर्ट से अग्रिम राहत हासिल करने में सफल हुई थीं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रकाश डी. नाईक की खंडपीठ के समक्ष आरोपियों की अग्रिम जमानत की सुनवाई की पिछली तारीख पर आरोपियों का एक साथी विशाल शिरवनकर भी मौजूद था। सुनवाई के दौरान विशाल ने अपने मोबाइल से किसी को वीडियो कॉल किया और उसे पीड़िता का चेहरा दिखाने का प्रयास कर रहा था। पीड़िता ने जैसे ही इसकी जानकारी अपने वकील को दी, विशाल वहां से भाग निकला।