चावल से इंसानी खून बनाने में जुटे वैज्ञानिक

अंतर्राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र (इरी), फिलीपींस के महानिदेशक डॉ. मैथ्‍यू मॉरेल ने बताया कि आनेवाले समय में चावल से इंसानी खून बनाने के साथ वैंâसर जैसी घातक बीमारी की रोकथाम भी की जा सकेगी। इस पर चल रहे शोध में सफलता मिली तो खून की कमी दूर करने का आसान और कारगर उपाय सामने होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में खुले इरी के सेंटर में देश-दुनिया से जुटे वैज्ञानिकों ने हिंदुस्थान के साथ ही पूरे एशिया में चावल की स्थिति और अब तक हुए शोध के आधार पर आगामी योजनाओं पर मंथन किया। इस अहम बैठक में फिलीपींस के महानिदेशक के साथ केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल भी शामिल हुए। इरी फिलीपींस के महानिदेशक ने बताया कि आनुवांशिक रूप से संशोधित (जेनेटिकली मोडिफाइड) दक्षिण एशियाई चावल में मानवीय रक्‍त के प्रमुख यौगिक मिले हैं। अब इसे मानव शरीर में ट्रांसप्‍लांट किए जाने पर शोध होगा। इसी तरह हिंदुस्थान सहित कुछ अन्‍य देशों में पैदा होनेवाले काला चावल से वैंâसर ठीक करने पर शोध किया जा रहा है। काला चावल हृदय, लिवर को दुरुस्‍त रखने के साथ ही अन्‍य बीमारियों से भी सुरक्षित रखता है। मधुमेह रोगियों के लिए शुगर प्रâी के अलावा रोग मुक्‍त चावल विकसित करने में भी विज्ञानी जुटे हैं।