चिंदी मार्केट में ब्रांडेड कपड़ों की पायरेसी, ३ विक्रेता दबोचे गए

दो नंबरी अर्थात फ्राॅड लोग जालसाजी का नया-नया तरीका ढूंढ़ लेते हैं। ब्रांडेड उत्पादों की नकल यानी पाइरेसी भी दो नंबरी लोगों की जालसाजी का एक तरीका है जिसके कारण उत्पादक और सरकार को नुकसान तो होता ही है उपभोक्ताओं को भी अनजाने में असली की कीमत पर नकली अर्थात डुप्लीकेट सामग्री थमा दी जाती है। ग्राहकों को ब्रांडेड कंपनी की डुप्लीकेट शर्ट बेचनेवाले ऐसे ही तीन दो नंबरी कपड़ा विक्रेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
बता दें कि आजकल फिल्मों की ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दवाइयों और कॉस्मेटिक सामग्री से लेकर हर उस सामग्री की पाइरेसी होने लगी है, जो बाजार में किसी ब्रांड के रूप में बिकती है। इसमें ब्रांडेड कपड़े भी शामिल हो गए हैं। ऐसे ही एक मामले में कुर्ला, कालीना रोड के नसिबुल्ला कंपाउंड स्थित चिंदी मार्वेâट में एलेन सोली और लुइस फिलिप्स नामक विदेशी ब्रांड के कपड़ों जैसे हु-बहू डुप्लीकेट कपड़े बेचे जाने की सूचना युनिवर्सल कॉपी राइट एंड ट्रेडमार्क लिमिटेड से जुड़े विजय सांगलेकर को मिली थी, जिसके बाद सांगलेकर ने कुर्ला पुलिस के साथ चिंदी मार्वेâट में छापेमारी की और भारी मात्रा में डुप्लीकेट कपड़ों के साथ नदीम लल्ला मलिक, मोहम्मद अख्तर मोहम्मद इस्लाम शेख और मोहम्मद वाजिद मोहम्मद इस्राइल खान को गिरफ्तार कर लिया। कुर्ला पुलिस मामले की जांच कर रही है।