चिक्की फैक्ट्री पर छापा, ‘मगनलाल’को चांपा

महाराष्ट्र के चर्चित पर्यटन स्थलों में से एक लोनावला की चिक्की लोगों में काफी मशहूर है। इस चिक्की को अगर आप खरीद रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाएं क्योंकि अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने यहां की प्रसिद्ध मगनलाल चिक्की की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए `मगनलाल’ को चांपा (कार्रवाई) है। यह संदेह एफडीए ने मंगलवार को लोनावला के मगनलाल चिक्की फैक्ट्री पर की गई छापामारी के दौरान जताया है।
बता दें कि मगनलाल नामक कंपनी द्वारा विभिन्न प्रकार की चिक्कियों का उत्पादन किया जा रहा है। मंगलवार को एफडीए की टीम नियमित जांच के लिए फैक्ट्री पहुंची। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी द्वारा खाद्य संरक्षण एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों पालन नहीं किया जा रहा है।
पुणे एफडीए के खाद्य विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेश देशमुख ने कहा कि एफडीए के नियमों के अनुसार खाद्य पदार्थ से जुड़ा कारखाना चलाने के लिए वहां लैब होना जरूरी है। कंपनी में लैब नहीं है तो वह किसी भी ‘नेशनल ऐक्रिडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज’ (एनएबीएल) की मान्यता प्राप्त लैब से समय-समय पर उत्पादों की जांच कराकर रिपोर्ट ले सकती है। मगनलाल फूड प्रोडक्ट के पास न तो खुद का लैब है, न ही टेस्टिंग के लिए कंपनी द्वारा बनाए गए उत्पादों को दूसरे लैब में भेजा जा रहा था। उत्पाद की गुणवत्ता जांचने के लिए कंपनी में क्वॉलिफाइड इंसान (क्वॉलिटी चेकर) भी नहीं था। इन त्रुटियों को देखते हुए हमने फैक्ट्री को स्टॉप वर्क नोटिस दिया है।