चिखलौली बांध का जलस्तर गिरा, मटमैला पानी के चलते जलापूर्ति बंद

चिखलौली बांध का जलस्तर घट जाने के कारण लोगों को मटमैला पानी मिल रहा था, जिसके चलते पिछले चार दिनों से ऊक्त बांध से जलापूर्ति बंद कर दी गई है। छोटे बांध विभाग के अधीन आनेवाले इस बांध से पहले नपा द्वारा जलापूर्ति की जाती थी लेकिन पिछले दो साल से नपा ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) को यह जिम्मेदारी दी है। चिखलौली से शहर के पूर्व के नवरे नगर, वडवली, शिवाजी नगर, महालक्ष्मी नगर, कृष्णनगर आदि परिसर को प्रतिदिन ६ एमएलडी पानी दिया जाता था। सप्ताह में एक दिन पानी की कटौती की जाती थी।
अंबरनाथ नपा क्षेत्र को बदलापुर के बेरेज बांध से प्रतिदिन ४६ एमएलडी, एमआईडीसी से १० व चिखलौली से ६ एमएलडी पानी मिलता था यानी रोजाना ६२ एमएलडी पानी मिलता था। चिखलौली से जलापूर्ति बंद होने यहां के नागरिकों को एमआईडीसी अर्थात बारवी डैम से पानी मुहैया कराया जा रहा है लेकिन यहां एक दिन छोड़कर एक दिन जलापूर्ति की जा रही है। अंबरनाथ नपा के जलापूर्ति समिति के सभापति संदीप भराडे ने कहा कि एमआईडीसी से पानी का कोटा बढ़ाने की मांग की गई है वहीं स्थानीय उत्तर भारतीय नेता प्रमोद पांडेय ने चिखलौली से जलापूर्ति बंद होने के मुद्दे पर कहा कि सरकार को चाहिए कि मॉनसून से पहले इस बांध में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए इसकी खुदाई करवाए, जिससे बरसात के दौरान पानी अधिक एकत्रित हो सके।