चिन्मयानंद पर आरोप सिद्ध होने पर होगी 5 साल की सजा

यौन शोषण मामले में आखिरकार एसआईटी ने 15 दिन की जांच के बाद स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया है. स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह उनके मुमुक्ष आश्रम से की गई, इसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया और फिर अदालत के सामने पेश किया गया. अदालत में चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. लेकिन हैरानी की बात यह है कि शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही एसआईटी ने आखिरी दम तक चिन्मयानंद को मदद करने का रास्ता नहीं छोड़ा.

एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप संबंधी सीधी धाराओं में मुकदमा दर्ज न करके 376C का इस्तेमाल किया. इसका मतलब हुआ कि चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का सीधा आरोप नहीं बनता है. यानी कि अगर स्वामी दोषी पाए गए तो भी उन्हें अधिकतम 5 साल की सजा होगी.

नहीं मांगी गई कस्टडी
वहीं दूसरी तरफ आनन-फानन में स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया है. लेकिन पूछताछ के लिए एसआईटी ने उनकी पुलिस कस्टडी नहीं मांगी. जबकि एसआईटी को अभी तक इस मामले के तमाम साक्ष्य स्वामी चिन्मयानंद से बरामद करने बाकी हैं. सबसे अहम साक्ष्य स्वामी चिन्मयानंद का मोबाइल फोन, गद्दा जिस पर मालिश करवाते हुए वीडियो वायरल हुआ था, का बरामद किया जाना अहम है. साथ ही इस पूरे मामले में शामिल तमाम दूसरे लोग और दूसरे ऐसे सबूत हैं जिनकी बरामदगी बेहद अहम है.

इसके बावजूद एसआईटी ने चिन्मयानंद को न्यायिक हिरासत में जाने का रास्ता छोड़ दिया. वहीं दूसरी तरफ एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद की तरफ से एक मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोप लगाया गया था कि उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है. रंगदारी मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में पीड़ित लड़की का भी नाम शामिल है. यानी देर-सबेर एसआईटी पीड़ित लड़की को भी रंगदारी के मामले में गिरफ्तार कर सकती है.

सूत्र ये भी बताते हैं 23 तारीख को एसआईटी जब अदालत के सामने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी उस वक्त तमाम दूसरे आरोपियों के साथ पीड़ित लड़की की गिरफ्तारी को लेकर कदम बढ़ा सकती है. बहरहाल, एसआईटी के मुताबिक स्वामी चिन्मयानंद ने मसाज वाले वायरल वीडियो के बारे में शर्मिंदगी जताई है. एसआईटी के मुताबिक गिरफ्तार तीनों लड़कों ने रंगदारी मांगने की बात कुबूल लिया है. फिलहाल इन तीनों लड़कों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और बाकी सारे सबूतों को एसआईटी परख रही है.