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चिराग तले तेजस्वी!

इस साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में बिहार विधानसभा के चुनाव होनेवाले हैं। हालांकि कोरोना महामारी के कारण इसे टालने को लेकर भी आवाजें उठने लगी हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के बाद अब एनडीए गठबंधन में सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी महामारी के बीच चुनाव कराने को लेकर चिंता व्यक्त की और तेजस्वी के सुर में सुर मिलाया है। ऐसे में एक मशहूर कहावत की तर्ज पर कहा जा सकता है कि ‘चिराग तले तेजस्वी’ यानी इस मामले में दोनों प्रतिद्वंद्वी एक साथ हैं।
शुक्रवार को एक के बाद एक किए गए ट्वीट में चिराग पासवान ने कहा कि वे बिहार विधानसभा चुनाव-२०२० के लिए उनकी तैयारी पूरी है। बावजूद इसके हम चुनाव के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि लोक जनशक्ति पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। ९४ विधानसभा सीटों पर बूथ लिस्ट सत्यापित करने का काम पूरा हो जाएगा और बाकी की १४९ सीटों पर भी जल्द ही इसे कर लिया जाएगा।
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि कोरोना के प्रकोप से बिहार ही नहीं पूरा देश प्रभावित है। कोरोना के कारण आम आदमी के साथ साथ केंद्र व बिहार सरकार का आर्थिक बजट भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में चुनाव से प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों ने इस विषय पर चिंता जताई है। एक अन्य ट्वीट में चिराग ने चुनाव आयोग से भी बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में सोचकर निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने ट्वीट किया कि चुनाव आयोग को भी इस विषय पर सोच कर निर्णय लेना चाहिए। कहीं ऐसा ना हो कि चुनाव के कारण एक बड़ी आबादी को खतरे में झोंक दिया जाए। इस महामारी के बीच चुनाव होने पर पोलिंग पर्सेंटेज भी काफी नीचे रह सकते हैं जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण राज्य के नए इलाकों के साथ ही वीवीआईपी इलाकों में भी पहुंच चुका है। इसको लेकर विपक्षी दल राजद और कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा था। इन दलों का कहना है कि सरकार महामारी को नियंत्रण में करने की बजाय चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है।
बता दें कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यह चुनाव के लिए सही समय नहीं है। अप्रत्याशित रूप से बिहार में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन राज्य सरकार इसको लेकर चिंतित नहीं दिख रही है। वैâबिनेट, प्रशासन और पूरी सरकार चुनाव में व्यस्त है। तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े छुपा रही है और अगर अभी भी नहीं जागी तो अगस्त-सितंबर तक कोरोना बिहार में विस्फोटक रूप ले लेगा।