" /> चीनी कंपनियों नहीं मिला है ग्रीन सिग्नल : अभी भी अधर में लटका है करार

चीनी कंपनियों नहीं मिला है ग्रीन सिग्नल : अभी भी अधर में लटका है करार

लद्दाख एवं सिक्कीम स्थित सरहदी इलाकों में चीनी सेना के साथ जारी तनाव का कारण महाराष्ट्र में कारोबार का मंसूबा रखनेवाली चीनी कंपनियों को भुगतना पड़ सकता है। महाराष्ट्र सरकार ने चीनी में कंपनियों के साथ हुए करार अब तक अधर में लटकाए रखा है।

हेंगली, पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी फोटॉन और ग्रेट वाल मोटर्स के साथ तीन चीनी कंपनियों ने 15 जून, 2020 को महाराष्ट्र सरकार के साथ सामंजस्य करार पर हस्ताक्षर किए हैं। उसको उसी तरह रखा गया है, ऐसा उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने स्पष्ट किया है। उन्होंने आगे कहा कि सामंजस्य करार को समाप्त नहीं किया गया है लेकिन आगे की कार्यवाही प्रतीक्षारत है। हेंगली, पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी विद फोटॉन और ग्रेट वाल मोटर्स ने क्रमशः राज्य में तालेगांव फेज-2, पुणे में 250 करोड़ रुपए, 1,000 करोड़ रुपए और 3,770 करोड़ रुपए का निवेश करने के सामंजस्य करार किया गया है। कुल 5 हजार 20 करोड़ रुपए की इन परियोजना के संदर्भ में वर्तमान में चल रहे चीन के साथ माहौल में केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट नीति घोषित होने की राह देखी जा रही है, ऐसा उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने स्पष्ट किया है।