चीनी मांझे ने काटा गला,  मासूम की मौत  २ साल में गई ५० जानें

आज देश के कई हिस्सों में मकर संक्रांति मनाई जा रही है। इस अवसर पर आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी मनमोहक पतंग हर किसी को आकर्षक लगती है पर ये जानलेवा भी है। कल गुजरात के महसाना में पतंग के मांझे से ८ साल के बच्चे की गला कटने से मौत हो गई। बच्चा साइकिल से जा रहा था तब यह घटना घटी। जयपुर से एक दर्दनाक खबर आई। एक मासूम बच्चे का गला चीनी मांझे ने काट डाला। जयपुर में ६ साल के बच्चे के गले में अचानक मांझा उलझा और कट लग गया। बेहोश होकर पत्थर पर गि‍रने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकि‍न उसे बचाया न जा सका। एक् मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले २ साल में देश में धारदार चीनी मांझे से कटकर करीब ५० लोगों की मौत हो चुकी है।
दिल्ली में २०१६ में एक ३ वर्षीय मासूम बच्ची की मौत चीनी मांझे की चपेट में आने से हो गई थी। इसके साथ ही दो अन्य लोगों की मौत भी चीनी मांझे के कारण हुई थी। इसी तरह प्रयागराज (इलाहाबाद) में भी चीनी मांझे से एक लड़के की मौत हो गई थी। जानकार बताते हैं कि जब से चीनी मांझा आया है मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। चीनी मांझे की वजह से हो रही जनहानि और अन्य दुर्घटनाओं के मद्देनजर धरपकड़ के लिए अधिकारियों को कार्रवाई करने के नि‍र्देश हैं लेकिन यह नाकाफी साबि‍त हो रहे हैं। जगह-जगह दुकानदारों को चीनी मांझा नहीं बेचने के लिए पाबंद किया गया है लेकि‍न फि‍र भी धड़ल्ले से इसकी बि‍क्री चल रही है। यही कारण है कि मांझा न सिर्फ दुकानदार बेच रहे हैं बल्कि‍ लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। गौरतलब है की‍ एनजीटी ने एक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सहित पूरे देश में मांझे (कांच के टुकड़े लगे हुए पतंग उड़ाने के विशेष धागे) के इस्तेमाल और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा था कि यह बहुत जानलेवा साबित हो रहा है। दावा कि‍या गया था कि‍ सिर्फ पिछले दो साल में ही कम से कम ५० लोगों की मौत मांझे से गला कट जाने से हो चुकी है।