चीनी मांझे ने ली १ की जान

चीनी व धारदार मांझे ने एक युवक की जान ले ली जबकि कई पक्षी घायल हो गए। घातक मांझे से मौत होनेवाली यह कोई पहली घटना नहीं है लेकिन इस पर अंकुश लगाने में सरकार कहीं न कहीं बैकफुट पर है। रोज की तरह २९ वर्षीय नितेश पठारे अपने ऑफिस से बाइक पर रवाना तो हुआ लेकिन घर नहीं पहुंच पाया।
वडाला का रहनेवाले नितेश शाम को अंधेरी स्थित ऑफिस से घर की ओर जा रहा था। हाइवे से जा रहे नितेश के गले में मांझा आ फंसा, जिससे उसका गला तो कटा ही वह बाइक से गिर गया और उसके सिर में गहरी चोट आई। उसे तुरंत कूपर अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। कूपर अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम में उसके गले पर मांझे से हुए गहरे जख्म के निशान की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार सिर पर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर कल पक्षियों के लिए भी दिन काफी खराब रहा। परेल स्थित जानवरों के अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार ज्यादातर पक्षियों को जानलेवा चीनी मांझे से चोट पहुंची। डा़ॅ जसी खन्ना ने बताया कि पतंगबाजी से कुल २८ कबूतर, ३ चील, २ उल्लू, ४ कोयल और २ तोते घायल अवस्था में अस्पताल लाए गए जबकि ३२ पक्षियों को बगैर अस्पताल लाए उपचार दिया गया था। गौरतलब है कि गत वर्ष यह आंकड़ा १०० के पार था। इस वर्ष बहुत कम पतंगबाजी होने के कारण घायलों की संख्या में कमी आई है।