" /> चीन की हरकतों से भड़के हिंदुस्थानी, कई जगहों पर हुआ प्रदर्शन

चीन की हरकतों से भड़के हिंदुस्थानी, कई जगहों पर हुआ प्रदर्शन

भारत चीन सीमा पर सैनिकों के बीच टकराव व देश के सैनिकों के शहीद होने की घटना से पूरे देशवासियों में आक्रोश की लहर छायी हुई हैं। आम लोगों से लेकर खास लोग सब चीन का विरोध कर रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों में चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। कई जगहों पर चीन के ध्वज और राष्ट्रपति की तस्वीर जलाई गई।

गौरतलब है कि मंगलवार को गलवन घाटी के पास चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कई जवान शहीद हो गए। वहीं चीन के जवानों के मारे जाने की भी सूचना है। चीन की इस हरकत से नाराज युवाओं ने कई जगह चाइना के विरोध में प्रदर्शन किए व चाइना के राष्‍ट्रपति जिनपिंग की फोटो व चाइना का ध्‍वज जलाया। युवाओं ने चाइनीज उत्‍पाद के बहिष्‍कार का भी संकल्‍प लिया। युवा फाउंडेशन व अन्‍य नागरिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अमदाबाद के बापूनगर में चाइना के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की तस्‍वीर, चाइना का ध्‍वज तथा पोस्‍टर बैनर लेकर अपना विरोध जताया। युवा कार्यकर्ताओं ने सीमा पर भारत के जवानों के शहीद होने पर दुख जताया। युवा फाउंडेशन के कार्यकर्ता राहुल देसाई व अन्‍यों ने उन्‍हें श्रद्धांजलि दी तथा चाइनीज उत्‍पाद के बहिष्‍कार का भी संकल्‍प लिया। इसी तरह वाराणसी में चीनी सैनिकों के घुसपैठ और भारतीय सैनिकों की शहादत से नाराज विशाल भारत संस्थान के सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बच्चों ने इन्द्रेश नगर लमही के सुभाष भवन के सामने चीन का पुतला फूंककर आक्रोश जताया। दीपावली पर सजने वाले चीनी झालर को भी आग के हवाले कर दिया गया। सभी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की कसम खायी कि हम चीन के सामान का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी चीन की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। सहवाग ने मंगलवार को ट्वीट कर चीन की इस हरकत की निंदा की और उन्हें तुरंत सुधरने की चेतावनी दे डाली। वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट कर लिखा, ‘कर्नल संतोष बाबू के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं जिन्होंने गलवान घाटी में सर्वोच्च बलिदान दिया। एक समय, जब दुनिया एक गंभीर महामारी से निपट रही है, अब ये हरकतें हो रही है। मुझे उम्मीद है कि चीनी सुधर जाएं।

गलत नीतियों का नतीजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में भारत की जनता सुरक्षित नहीं है, तो देश की सीमा क्या सुरक्षित रहेगी? एक तरफ चीन कब्जा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नेपाल से तकरार मची है। पाकिस्तान की तो बात ही छोड़िए। एक दिन बांग्लादेश भी आंख दिखाने लगेगा। ये सब मोदी सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।
-पारसनाथ तिवारी, राकांपा नेता, कल्याण

एक बार लड़ाई होनी ही चाहिए!
चीन के साथ भारत की एक बार लड़ाई होनी ही चाहिए। एक बार लड़ाई होने से भारत को आर्थिक रूप से बहुत बड़ा फायदा होगा। भारत का व्यवसाय सुधर जाएगा और चीन की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी। क्योंकि चीन से लड़ाई होने के बाद चीन से व्यापार समाप्त हो जाएगा, जिसका सबसे अधिक नुकसान चीन को होगा। उसकी अपेक्षा भारत का नुकसान बहुत कम होगा। चीन से लड़ाई के बिना चीन के सामानों का भारत में रुकना नामुमकिन है। इसलिए एक बार लड़ाई होनी ही चाहिए। ताकि चीन को भी उसकी औकात का पता चल सके।
-अशोक अग्रवाल, उद्योगपति, कल्याण, जिला ठाणे

चीन को मुंहतोड़ जबाब दें!
भारत-चीन की सीमा लद्दाख में किसी पत्रकार का जाना संभव न होने के कारण वहां के हालात क्या हैं, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिए। लेकिन मीडिया से जो भी जानकारी मिल रही है, उससे ऐसा लगता है कि हालात सामान्य नहीं है। १६ जून की दोपहर में अचानक खबर मिलती है कि ३ जवान शहीद हो गए, फिर रात तक खबर आती है कि २० से ज्यादा जवान शहीद हो गए। पूरा देश चाहता है कि वहां के हालात की सही जानकारी देशवासियों को मिले, ताकि आगे किसी जवान को शहीद न होना पड़े। इसी के साथ चीन को उसकी भाषा में मुंहतोड़ जबाब देना चाहिए। मेरी तरफ से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि।
-सुमित चक्रवर्ती, उद्योगपति व अध्यक्ष,

उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन
हमला निंदनीय है
सोमवार की रात चीन द्वारा किया गया हमला निंदनीय है। चीन हमेशा से ही धोखेबाजी करके विश्वभर में राज करना चाहता है। ऐसे में लोगों को चाइना की वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए। कोरोना वायरस जैसी महामारी के लिए चाइना ही जिम्मेदार हैं। चीन द्वारा भारतीय सेना पर किए गए इस हमले की विश्वभर में निंदा हो रही है। -अशोक यादव

अब झुकना नहीं, झुकाना है
चीन को सबक सिखाना जरूरी है। इंडियन आर्मी अपनी जान और परिवार की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा के लिए खड़ी है और अपने प्राणों की आहुति दे रही है। चीन द्वारा किए गए इस धोखे का बदला हम जरूर लेंगे। -नीलेश जोशी

चीनी सामानों का हो बहिष्कार
सबसे पहले चीन को दिए गए सभी टेंडर निरस्त किए जाने चाहिए। इसके बाद हिंदुस्थान में चाइना की हर वस्तु का बहिष्कार किया जाना चाहिए, ताकि चायना इससे सबक ले और हिंदुस्थान की अर्थव्यवस्था में विकास हो। -हरिओम खेतानी

चीनी कंपनियों को करो बैन
भारत में चीन की सभी कंपनियों को बैन कर देना चाहिए। इसके साथ ही सभी चीनी कंपनियों के विज्ञापन टीवी पर बंद कर देने चाहिए। भारत के सैनिकों पर हमें पूरा भरोसा है। चीन द्वारा दिए गए इस धोखे के बदले केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -भाग्यश्री कुलकर्णी

सामानों के आयात पर लगे रोक
सरकार द्वारा जब तक बड़े-बड़े टेंडर चीनी कंपनियों को दिए जाएंगे, तब तक चीनी वस्तुओं का भारत से बहिष्कार नहीं हो सकता। यह जिम्मेदारी आम आदमी से ज्यादा सरकार की है। सरकार को अपने स्तर पर चीनी कंपनियों के आयात पर रोक लगा देनी चाहिए। -विनीत शर्मा

चीन को सबक सिखाएं
लद्दाख में क्या हुआ, इसके बारे में पूरी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है, देश की जनता जानना चाहती है कि वहां क्या हुआ। केंद्र सरकार को देश के लोगों को पूरी जानकारी देनी चाहिए। चीन से बदला लेने के लिए हिंदुस्थान में सभी चायनीज आइटम बैन कर दिए जाने चाहिए। -रेखा भारद्वाज

चीन को जवाब मिलेगा
नालासोपारा में रहनेवाली भक्ति सेंघानी ने बताया कि चीन और हिंदुस्थान के बीच जो समझौता हुआ था उसका उल्लंघन कर चीनी आर्मी ने जो किया है, सही वक्त पर आने पर हिंदुस्थान उसका जवाब जरूर देगा। हिंदुस्थान द्वारा दिया जवाब चीन झेल नहीं पायेगा। -भक्ति सेंघानी

उचित समय पर उचित जवाब
ठाणे की रहनेवाली और पेशे से शिक्षक रुपाली मांडलिक ने बताया कि चीन हिंदुस्थान को कमजोर समझता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हिंदुस्थान शांतिपूर्ण देशों में से एक है। परंतु चीन जैसे धोखेबाज को जवाब देना हिंदुस्थान को अच्छी तरह से आता है। सही वक्त पर चीन को हिंदुस्थान उचित जवाब देगा। -रुपाली मांडलिक

चीन को मुंहतोड़ जवाब देना है
चाइना के खिलाफ बढ़ रहे अंतराष्ट्रीय दबाव और लगभग सभी देशों के विरोध से ड्रैगन घबराया हुआ है, यही वजह है कि वह पिछले कई दिनों से भारतीय सीमा पर ऐसी हरकते कर रहा है। जिसका हमारे जवान सहित राजनयिक स्तर पर इसे हल करने की कोशिशें लगातर हो रही है, लेकिन आज की घटना काफी दु:खद है। चाइना को भी अब जान लेना चाहिए।ये भारत १९७१ वाला नहीं, बल्कि नया भारत है। -शैलेश शुक्ला

क्वॉरंटीन करो चीन को
आखिर कब तक हम ‘हिंदी चीनी भाई भाई’ के नारों तले हमारे सपूतों को खोते रहेंगे, चीन की इस आउट ऑफ कंट्रोल आदत को क्वारंटीन करने की आवश्यकता है, वर्ना कोरोना की तरह चीन की यह मानसिक महामारी नेपाल की तरह कई देशों को ले डूबेगी।
-निलेश शुक्ला

उग्र करो नीति
चीन की नीति उग्र है, हमें भी अपनी नीति में बदलाव करने की जरूरत है, जो कि चीन की तरह ही उग्र होनी चाहिए। भारत को हमेशा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के नियम को पालन करने की जरूरत नही है। हमे भी उनकी भाषा में जवाब देना होगा। -इंद्रजीत वर्मा

अपनी हद में रहे चीन
चीन को अपनी सीमा में रहना चाहिए। पूरा विश्व इस समय कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है लेकिन चीन अपना क्षेत्रफल बढ़ाने में लगा हुआ है। इन्हें विश्व हित में काम करना चाहिए नाकि अनहित में। -चंदन मिश्रा

कुर्बानी खाली न जाए
भारत और चीन के बीच जो तनाव चल रहे है , उसे लेकर मैं भारत सरकार से ये कहना चाहूंगा कि हमारे जो भी जवान शहीद हुए उनकी कुर्बानी खाली ना जाए चीन जो भी भाषा में जवाब चाहता है हम उसे देंगे, जवानों को छूट दी जाए और साथ में कोरोना संक्रमण से ध्यान ना हटाया जाए ये चीन की चाल भी हो सकती है। -आनंद उपाध्याय