" /> चीन के राष्ट्रपति पर मुजफ्फरपुर में केस!

चीन के राष्ट्रपति पर मुजफ्फरपुर में केस!

चीन के वुहान प्रांत से शुरू हुआ कोरोना वायरस का मामला अब बिहार की एक अदालत में पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर की अदालत में सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और हिंदुस्थान में चीन के राजदूत सुन वीदोंग के खिलाफ कथित तौर पर कोरोनो वायरस पैâलाने की साजिश रचने के आरोप में शिकायतवाद (परिवादपत्र) दायर किया गया है।
वकील ओझा ने बताया कि कोर्ट ने दायर परिवादपत्र पर अगली सुनवाई के लिए ११ अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। कहा गया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत कोरोना वायरस का ईजाद किया। इसका उद्देश्य इसे बायोलॉजिकल हथियार के रूप में प्रयोग कर विश्वशक्ति बनना था। इसका नाम ‘वुहान-४००’ रखा था। साजिश के तहत कोरोना वायरस का प्रयोग किया गया है। इससे काफी संख्या में लोगों की मौत हुई है। परिवादपत्र में धारा २६९, २७०, १०९, १२०बी के तहत आरोप लगाया गया है। हिंदुस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब तक १२६ हो गई है। इस महामारी को लेकर देशभर में दहशत बनी हुई है।

रोशनदान के रास्ते भागा कोरोना का मरीज
मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर जिले में कोरोना का एक संदिग्ध मरीज अस्पताल का रोशनदान तोड़कर भाग गया। मरीज के भागने की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सोमवार देर रात मरीज को दोबारा उसी के घर से पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें कि नेपाल से लौटे युवक को बुखार और गले में दर्द की शिकायत के बाद मंडलीय अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कराया गया था। कोरोना का संदिग्ध मरीज सोमवार की रात रोशनदान तोड़कर भाग निकला था। जानकारी मिलते ही अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल अलर्ट जारी करते हुए जिलाधिकारी को भी इसकी सूचना दी गई।

चीन बोला, बेतुका आरोप
यूपी में दाखिल परिवाद पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने पक्ष रखा है। उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि कोरोना जैविक हथियार है। चीन में इस वक्त कोरोना महामारी का रूप ले चुका है। चीन को पूरी उम्मीद है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर कोरोना वायरस के साथ इस झूठे राजनीतिक प्रयास को भी हराएगा। उन्होंने कहा है कि ऐसे वक्त में कोरोना को लेकर इस तरह की बातें करना बेतुका है।

खांसी आने पर रोकी राजधानी एक्सप्रेस
कानपुर। नई दिल्ली से गुवाहाटी जा रही राजधानी एक्सप्रेस के बी-१० कोच में यात्रा कर रहे इजरायल के यात्रियों के खासी आने पर हंगामा खड़ा हो गया। कुछ मुसाफिरों ने स्वास्थ्य मंत्रालय की हेल्पलाइन पर फोन कर दिया। इसके बाद ट्रेन को कानपुर से पहले भाऊपुर में रोका गया। रेल अफसरों के समझाने पर यात्री माने और ट्रेन कानपुर पहुंची। जहां सीएमओ की रैपिड रेस्पांस टीम ने सेंट्रल पर इजरायली यात्रियों की जांच की लेकिन उनमें किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं मिली। इस पर यात्रियों को समझाकर २५ मिनट बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला का कहना है कि विदेशी नागरिकों में किसी तरह के लक्षण नहीं थे और प्रभावित देशों से आने की हिस्ट्री नहीं थी। किसी वजह से खांसी आ गई होगी। जांच पड़ताल के बाद यात्रियों को जाने दिया गया है।

ये भी पढ़ें…कोरोना पीड़ितों का इलाज मुफ्त में करवाएगी योगी सरकार