चीन ने कर ही दी चिंदीगीरी, कश्मीर पर बैठक बुलाने का सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

चीन ने आखिर अपनी चिंदीगीरी का रंग दिखा ही दिया। उसने १० लाख उगइर मुसलमानों को वैâद करने के साथ ही लद्दाख पर जबरन कब्जा कर रखा है। ताइवान को हड़पने की न जाने कब से फिराक में है और ताजातरीन हांगकांग में उसका दमनचक्र चल रहा है। पर उसे अचानक चिंता कश्मीर की हो आई है। हिंदुस्थान द्वारा जम्मू-कश्मीर द्वारा अनुच्छेद ३७० खत्म करने के बाद बौखलाए पाकिस्तान को मरहम लगाने के लिए चीन ने चिंदीगीरी दिखाते हुए यूएन का दरवाजा खटखटा दिया है। चीन ने कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है।
पाकिस्तान ने भी कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के हिंदुस्थान के आंतरिक मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की पाकिस्तान की कोशिश में उसे चीन का साथ मिला है। पाकिस्तान को डर है कि कश्मीर को लेकर किए गए बदलावों से उसे वहां आतंकवाद के अपने एजेंडे को बढ़ाने में मुश्किलें हो सकती हैं इसलिए वह हर मुमकिन पैंतरेबाजी कर रहा है। इस्लामाबाद ने कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। अब चीन ने भी उसका साथ देते हुए यही मांग की है।
चीन ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के हिंदुस्थान के फैसले पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है। एक वरिष्ठ यूएन राजनयिक के अनुसार पेइचिंग के करीबी सहयोगी पाकिस्तान ने इस बारे में अगस्त महीने में सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड को पत्र लिखा था। संयुक्त राष्ट्र राजनयिक ने बताया कि बैठक बुलाने का अनुरोध हाल ही में किया गया। हालांकि बैठक के लिए कोई समय तय नहीं किया गया है। उनके अनुसार चीन ने सुरक्षा परिषद की कार्यसूची में शामिल हिंदुस्थान-पाकिस्तान सवाल पर चर्चा की मांग की है। यह मांग पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे पत्र के संदर्भ में की गई है। हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि उनके देश ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के हिंदुस्थान के पैâसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की है।
आज हो सकता है फैसला
चीन ने भी सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है लेकिन पोलैंड को बैठक की तारीख और समय तय करने से पहले अन्य सदस्यों से परामर्श करना होगा। यूएन अधिकारी के अनुसार अभी तक बैठक के समय को लेकर कोई अंतिम पैâसला नहीं किया है पर शुक्रवार (आज) की सुबह पैâसला हो सकता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गत सोमवार को पेइचिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई द्विपक्षीय मुलाकात में स्पष्ट किया था कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का पैâसला हिंदुस्थान का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा था कि यह बदलाव बेहतर प्रशासन और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए है एवं पैâसले का असर हिंदुस्थान की सीमाओं और चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर नहीं पड़ेगा।