चुनाव में गूंजेगा ‘पत्नियों’ के सताए ‘पतियों’ का मुद्दा

पुरुषों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानेवाले गैर सरकारी संगठन ‘अखिल भारतीय पत्नी अत्याचार विरोधी संघ’ के प्रमुख दशरथ देवड़ा ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह तीसरा मौका होगा, जब दशरथ देवड़ा चुनावी मैदान में किस्मत आजमाएंगे।

चुनाव लड़ने का एलान करते हुए देवड़ा ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर वह पत्नियों से पीड़ित पतियों के लिए आवाज उठाएंगे। देवड़ा ने कल अमदाबाद पूर्व लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन भरा। देवड़ा ने कहा कि मैं उन पतियों के लिए लड़ाई जारी रखूंगा, जिन्हें उनकी पत्नियों या ससुरालवालों ने दहेज के नाम पर पीड़ित किया है। इससे पहले वे २०१४ लोकसभा और २०१७ विधानसभा चुनाव में मैदान में उतर चुके हैं लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। देवड़ा ने आगे कहा कि मैं दूसरे उम्मीदवारों की तरह प्रचार पर पैसा नहीं खर्च करता। मैं घर-घर जाकर लोगों से मिलता हूं और उनसे वादा करता हूं कि मैं पुरुषों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करूंगा। अगर मैं सत्ता में आया तो मैं उन पतियों के लिए आवाज उठाऊंगा, जिनकी पत्नियां धारा ४९८ (घरेलू हिंसा) का इस्तेमाल कर उन्हें पीड़ित कर रही हैं।