चूना मत लगाओ! आटा है या मैदा बताओ

सरकार नियम, कानून तो बनाती है लेकिन खाद्य पदार्थ बनानेवाली कंपनियां इसका खुलेआम उल्लंघन करती रही हैं। नियमों का उल्लंघन करनेवाली ऐसी कंपनियों पर अब अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। एक परिपत्रक निकालकर अब एफडीए ने खाद्य पदार्थ बनानेवाली कंपनियों को स्पष्ट कहा दिया है कि चूना मत लगाओ, आटा है या मैदा? पैकेट पर बताओ।
बता दें कि खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया गया है, इसकी जानकारी पैकिंग पर देनी होती है।  एफडीए ने जांच में पाया कि कुछ कंपनीवाले खाद्य पदार्थ बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल करते हैं और पैकिंग पर `व्हीट फ्लौर’ यानी आटा लिखते हैं। एफडीए ने मामले की गंभीरता को समझते हुए यह निर्णय लिया कि कंपनियों को अब पैकिंग पर स्पष्ट करना होगा कि क्या उनका प्रोडक्ट आटा से बना है या मैदे से? एफडीए के संयुक्त आयुक्त (खाद्य) एसपी अढ़ाव ने कहा कि कई कंपनियां स्पष्ट रूप से यह नहीं बताती हैं कि उनके प्रोडक्ट में मैदा है या आटा? लोग आटा समझ मैदे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। इसी के मद्देनजर हमने एक परिपत्रक जारी कर सभी पैकिंग फूड कंपनियों को सूचित किया है कि उनका प्रोडक्ट यदि आटे से बना है तो उन्हें `व्हीट फ्लौर’ लिखना पड़ेगा और यदि मैदे से बना है तो `रिफाइंड व्हीट फ्लौर’ पैकिंग पर लिखना पड़ेगा।