चूहा मार मनपा, एक महीने में ५९ हजार चूहों का खात्मा

शहर में चूहों के आतंक से हर कोई वाकिफ है। हर वर्ष मनपा के कीटनाशक विभाग द्वारा लाखों चूहे मारे जाते है इसके बावजूद मॉनसून में चूहे के मलमूत्र से होनेवाली लेप्टोस्पाइरोसिस बीमारी ने ११ की बलि ले ली। इसी के मद्देनजर कीटनाशक विभाग ने चूहा मार मुहिम चला कर सिर्फ अगस्त महीने में ५९ हजार १७९ चूहों के खात्मा किया है।
बता दें कि मनपा के कीटनाशक विभाग और ४ संस्था द्वारा चूहों को मारने का काम किया जाता है लेकिन चूहों के बढ़ते आतंक को देख मनपा ने ५ और संस्था को नियुक्त किया। इन ५ संस्थाओं को एन वॉर्ड (घाटकोपर), एस वॉर्ड (भांडुप), एम वेस्ट (चेंबूर), जी नार्थ (दादर) और एफ साउथ (परेल) वॉर्ड में चूहों को मारने का काम सौंपा गया। कीटनाशक विभाग के प्रमुख राजन नरिंगरेकर ने बताया कि हमें बारिश के रुकने का इंतजार था। हमने उक्त संस्थाओं को रोजाना १०० चूहे मारने का टारगेट दिया है इसके बदले में उन्हें प्रति चूहे के पीछे १८ रुपए दिया जाता है। यदि टारगेट से अधिक चूहे मारते है तो उन्हें अधिक चूहों पर २ रुपए अधिक दिया जाता हैं। इन ५ संस्थाओं ने ही ४० हजार चूहे मारे है जबकि लगभह १९ हजार चूहे कीटनाशक विभाग के कर्मचारियों द्वारा मारा गया है। एक महीने में ५९ हजार चूहे मारने का मनपा का अब तक का यह सबसे बड़ा रिकॉर्ड का है।