" /> चौथा डेथ वारंट जारी, 20 को तड़के होगी फांसी

चौथा डेथ वारंट जारी, 20 को तड़के होगी फांसी

-तीन बार फांसी टलने से न्यायतंत्र की विश्वसनियता पर खड़े होने लगे सवाल
-आरोपियों के वकील की फांसी को उम्रकैद में तब्दील करने की मांग

देश-दुनिया को झकझोर देने वाले निर्भयाकांड के दोषियों की फांसी के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को नया डेथ वारंट जारी किया। यह चैथा डेथ वारंट है, इससे पहले तीन डेथ वारंट जारी हुए, जो फांसी की मुकर्रर तारीख के एक दिन पहले निरस्त होते रहे। दोषियों को सूली पर लटकाने के लिए कोर्ट ने अब चैथा फरमानी वारंट जारी किया। इसके साथ ही समाजिक स्तर पर एक बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि क्या इस बार का डेथ वारंट सच्चा है या पहले वालों की तरह झूठा? दरअसल लोग कोर्ट की गंभीरता पर भी सवाल उठाने लगे हैं। पहला डेथ वारंट जब जारी हुआ था तो लोगों ने न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा था। लेकिन लचर अदालती प्रक्रियाओं ने लोगों के मन को ढेस जरूर पहुंचाया है।

बहरहाल, कोर्ट ने 20 मार्च सुबह 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। निर्भया के दोषियों के सभी कानूनी विकल्प बुधवार को उस वक्त खत्म हो गऐ थे, जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चैथे दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका को खारिज कर दिया था। बाकी के तीन आरोपियों की दया याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी थी। उसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन फांसी की नई तारीख के लिए पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचा था। तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोर्ट को बताया था कि निर्भया के सभी दोषियों के कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं। अब किसी दोषी की कोई की याचिका कहीं भी लंबित नहीं है। ऐसे में कोर्ट को नया डेथ वारंट जारी करना चाहिए। दोषियों की फांसी के लिए तीन बार डेथ वारंट जारी किया जा चुका है, लेकिन तीनों बार ही उनकी फांसी टल गई थी। वहीं, कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए दोषियों के वकील एपी सिंह ने बताया कि कोर्ट मीडिया के दबाव में फैसला ले रहा है। उन्होंने चारों दोषियों की फांसी को उम्रकैद में तब्दील करने मांग की है। एपी सिंह ने कहा, जो आरोप इन चारों पर हैं वैसे आरोप कई नेताआंे, अभिनेताओं एंव देश के अनगिनत लोगों पर हैं। जब इनको सूली पर लटकाने की इतनी जल्दी है तो उन पर रहम क्यों दिखाया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई दलीलें कोर्ट में रखी।