जब्त होगी आतंकी मसूद की संपत्ति

संयुक्त राष्ट्र में जैश सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने के प्रस्ताव पर चीन द्वारा वीटो करने के बाद फ्रांस ने इस आतंकवादी संगठन पर अब खुद से एक्शन लेने का फैसला कर लिया है। फ्रांस ने अब जैश सरगना मसूद की संपत्ति को जप्त करने का फैसला किया है। जैश के खिलाफ फ्रांस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मसूद के पक्ष में चीन का वीटो का अमेरिका सहित कई देशों ने आलोचना की थी।

फ्रांस सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि फ्रांस मसूद को यूरोपियन यूनियन की आतंकवादी सूची में शामिल करने को लेकर बात करेगा। उधर पाकिस्तान पर भी आतंकवादी मसूद पर कार्रवाई को लेकर जबर्दस्त वैश्विक दबाव है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी। इस हमले में ४० जवान शहीद हुए थे। गौरतलब है कि पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में चीन ने चौथी बार अड़ंगा लगा दिया था। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर पैâसले से कुछ मिनट पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। बता दें कि २०१७ में भी चीन ने ऐसा ही किया था। बीते १० साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था।

 

आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को पाकिस्तान गिरफ्तार नहीं करेगा। पाकिस्तान ने कहा कि भारत द्वारा मसूद पर सौंपे गए सबूत कांफी नहीं है। पाकिस्तान ने अपना दोहरा चेहरा दिखाते हुए कहा कि भारत ने जो सबूत सौंपे हैं उससे यह जाहिर नहीं होता कि आतंकी हमलों में मसूद का कोई हाथ है। वहीं, फ्रांस ने आतंकी संगठन पर खुद ही ऐक्शन लेने का फैसला किया कि जैश सरगना मसूद की देश में जितनी भी संपत्तियां हैं उसे जब्त करेगा। जैश पर फ्रांस की यह अब तक की सबसे पड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के मार्ग को चीन के चौथी बार बाधित करने से नाराज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि चीन अपनी इस नीति पर अड़ा रहा तो जिम्मेदार सदस्य परिषद में ‘‘अन्य कदम उठाने पर मजबूर’’ हो सकते हैं।

सुरक्षा परिषद के एक दूत ने चीन को असामान्य कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है तो जिम्मेदार सदस्य देश सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। यहां बता दें कि फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘‘1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी’’ के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को पेश किया था। 13 मार्च को इस पर सुनवाई होनी थी लेकिन चीन ने समय सीमा खत्म होने से पहले ही वीटो डाल कर मसूद को फिर से बचा लिया। गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।